Bihar News : गयाजी को रेलवे डिवीजन बनाने की तेज हुई मांग, 14 मार्च को रेल मंत्री के नाम धरना देंगे कांग्रेस नेता

रेलवे डिविजन बनाने की मांग - फोटो : MANOJ

GAYAJI : अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर विशेष स्थान रखने वाले और 'वर्ल्ड क्लास' स्टेशन के रूप में विकसित हो रहे गयाजी रेलवे जंक्शन को रेलवे डिवीजन बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से गया में डीआरएम (DRM) कार्यालय खोलने और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की पुरजोर मांग की है। अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस नेता आगामी 14 मार्च 2026 को शांतिपूर्ण धरना देंगे और रेल मंत्रालय को ज्ञापन सौंपेंगे।

कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि गयाजी एक अति प्राचीन और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त स्थल है, जहाँ देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में पूर्व-मध्य रेलवे के अंतर्गत गया को एक स्वतंत्र रेलवे डिवीजन बनाना समय की मांग है। इसके साथ ही गयाजी से मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और हैदराबाद जैसे महानगरों के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की भी मांग रखी गई है, ताकि यात्रियों और स्थानीय व्यवसायियों को सुविधा हो सके।

ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने गयाजी के 15 किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्टेशनों जैसे चाकंद, काष्ठा, मानपुर, ईश्वर चौधरी हॉल्ट और बंधुआ रेलवे स्टेशन के चहुंमुखी विकास की रूपरेखा पेश की है। नेताओं ने इन स्टेशनों पर यात्री निवास बनाने और कटारी, बंधुआ व रसलपुर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज (ROB) निर्माण की आवश्यकता जताई है। साथ ही, गया जंक्शन से आईआईएम (IIM), दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय और गया इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों तक रिंग बस सेवा चलाने का प्रस्ताव दिया है।

विकास के अन्य बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए प्रवक्ताओं ने सुझाव दिया है कि गयाजी शहर की प्रमुख सड़कों पर स्थित रेलवे की खाली जमीनों का व्यावसायिक उपयोग किया जाए। उन्होंने रेलवे सिनेमा की जमीन पर आधुनिक मॉल और अन्य खाली भूखंडों पर मार्केट बनाने की मांग की है, जिससे रेलवे के राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

आगामी 14 मार्च के विरोध प्रदर्शन की तैयारी को लेकर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाई है। नेताओं का कहना है कि गया का विकास केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर बड़े बदलाव दिखें, इसी उद्देश्य से वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेंगे।