दरभंगा पहुंचे प्रशांत किशोर: सरकार के 6 महीने के दावों पर साधा निशाना, कहा- सिर्फ चेहरे बदले, समस्याएं जस की तस

दरभंगा पहुंचे प्रशांत किशोर: सरकार के 6 महीने के दावों पर सा
दरभंगा में सरकार पर जमकर बरसे पीके- फोटो : नरोत्तम कुमार

Darbhanga : बिहार नवनिर्माण अभियान के तहत जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर बुधवार को दूसरी बार दरभंगा पहुंचे। उन्होंने लहेरियासराय स्थित पोलो ग्राउंड नेहरू स्टेडियम में जिले की सभी सांगठनिक इकाइयों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने एक बड़ा एलान किया कि उन्होंने पटना का अपना आवास छोड़कर बिहटा स्थित जन सुराज के 'नवनिर्माण आश्रम' में स्थायी रूप से शिफ्ट कर लिया है और बिहार में पूरी तरह बदलाव होने तक वे वहीं से अपनी गतिविधियों का संचालन करेंगे।


6 महीने में सिर्फ चेहरा बदला, व्यवस्था नहीं

बिहार की नई सरकार के छह महीने के कार्यकाल की समीक्षा करते हुए प्रशांत किशोर (पीके) ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद केवल नेताओं के चेहरे बदले हैं, लेकिन राज्य की मूल समस्याएं आज भी वैसी ही बनी हुई हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में जो मुख्यमंत्री का चेहरा बने हुए थे, वे खुद तो पलायन कर गए, लेकिन राज्य से पलायन की गंभीर समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका।


रोजगार के वादे और लाठीचार्ज पर घेरा

पीके ने सरकार द्वारा चुनाव के दौरान किए गए रोजगार के बड़े-बड़े वादों को पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने कहा कि सूबे में एक करोड़ नौकरियां देने की घोषणा की गई थी, लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। इसके विपरीत, रोजगार की मांग करने वाले युवाओं और छात्रों पर लाठियां बरसाने की पुरानी परिपाटी आज भी जारी है, जिसका ताजा उदाहरण BPSC TRE-4 के अभ्यर्थियों पर हाल ही में हुआ लाठीचार्ज है।


परिवारवाद और बिजली घोटाले का आरोप

नेताओं द्वारा अपने परिवार को आगे बढ़ाने की राजनीति पर प्रहार करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के राजनेताओं ने अपने बच्चों का भविष्य पहले से ही सुरक्षित कर रखा है, चाहे वे पढ़े-लिखे हों या अनपढ़। इसके साथ ही उन्होंने नए मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान बिहार से ज्यादा गुजरात पर है। उन्होंने कहा कि अडानी द्वारा आंखों का अस्पताल खोलने का आश्वासन देकर लोगों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है, जबकि पिरपैंती में हो रहे बिजली घोटाले के कारण जनता के 30 से 35 हजार करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो रहा है।


पेपर लीक और सीएम बंगले को लेकर तीखा तंज

नीट (NEET) पेपर लीक और राज्य के भ्रष्टाचार पर बोलते हुए जन सुराज के सूत्रधार ने कहा कि बिहार में अब यह खबर नहीं है कि पेपर लीक हुआ, बल्कि खबर तब होगी जब कोई परीक्षा बिना लीक के संपन्न हो जाए। उन्होंने जनता को भी सचेत करते हुए कहा कि जब तक लोग शिक्षा और रोजगार के बजाय जाति और चंद रुपयों के लालच में वोट देंगे, तब तक यह चोरी नहीं रुकेगी। उन्होंने अंत में तंज कसा कि एक तरफ बिहार के करोड़ों युवा दिल्ली-मुंबई में छोटे-छोटे कमरों में रहने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के सबसे पिछड़े राज्य के मुख्यमंत्री के लिए 25 एकड़ का बंगला भी कम पड़ रहा है। इस मौके पर किशोर कुमार मुन्ना, प्रो० रामबली चंद्रवंशी और मिथिलांचल ज़ोन के प्रभारी रत्नेश्वर ठाकुर सहित कई नेता उपस्थित थे।


नरोत्तम की रिपोर्ट