Bihar Ganga Water Supply Scheme: गया में गंगाजल आपूर्ति योजना से दूर हुआ पेयजल संकट, घर-आंगन तक पहुंचा शुद्ध पानी

गंगाजल आपूर्ति योजना के शुरू होने से शहर के कई परिवारों की जिंदगी में बदलाव आया है।

गंगाजल आपूर्ति योजना से दूर हुआ पेयजल संकट- फोटो : reporter

Bihar  Ganga Water Supply Scheme:बिहार के गया शहर में कभी पीने के पानी के लिए टैंकरों के सामने लंबी कतारों में खड़े रहने की मजबूरी थी। पानी जुटाने के लिए लोगों को घंटों मशक्कत करनी पड़ती थी और रोजमर्रा के कामकाज पर भी इसका असर पड़ता था। लेकिन गंगाजल आपूर्ति योजना के शुरू होने से शहर के कई परिवारों की जिंदगी में बदलाव आया है। अब घरों तक नियमित रूप से पानी पहुंचने से लोगों को पुरानी दुश्वारियों से राहत मिली है। स्थानीय निवासी इसे पेयजल संकट से निजात दिलाने वाली महत्वपूर्ण पहल बता रहे हैं।

गया निवासी स्वाति कुमारी बताती हैं कि पहले उन्हें टैंकर से पानी भरने के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता था। इससे समय की बर्बादी होती थी और कई तरह की परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। अब घर में पानी की आपूर्ति होने से उनकी मुश्किलें काफी कम हो गई हैं। इसी तरह गया के रामपुर की किरण देवी का कहना है कि पहले पीने के पानी और दूसरे घरेलू कामों के लिए सड़क पर कतार लगानी पड़ती थी। अब गंगाजल उनके घर-आंगन तक पहुंच रहा है। वहीं, स्थानीय निवासी मा. हुसेन खान के मुताबिक, योजना शुरू होने के बाद शहर में पेयजल की किल्लत से लोगों को राहत मिली है।

दरअसल, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता जीवन और जनस्वास्थ्य से जुड़ा अहम सवाल है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार की न्यायिक व्याख्या में स्वच्छ पेयजल को भी महत्वपूर्ण स्थान मिला है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने दक्षिण बिहार के जल संकट से जूझ रहे शहरों तक गंगा का पानी पहुंचाने की योजना बनाई।

गंगाजल आपूर्ति योजना का मकसद राजगीर, गया, बोधगया और नवादा जैसे शहरों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत मानसून के दौरान गंगा नदी में उपलब्ध अतिरिक्त पानी को संग्रहित किया जाता है। इसके बाद आधुनिक जलशोधन प्रक्रिया के जरिए उसे पीने योग्य बनाया जाता है। योजना को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत दिसंबर 2019 में मंजूरी दी थी। नवंबर 2022 से इसका चरणबद्ध संचालन शुरू हुआ।

योजना के तहत मोकामा के हाथीदह से करीब 151 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए पानी राजगीर, गया, बोधगया और नवादा तक पहुंचाया जाता है। इससे स्थानीय आबादी के साथ अस्पतालों, स्कूलों, होटलों और धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को भी लाभ मिल रहा है।

योजना के दूसरे चरण में मधुबन जलाशय और जलापूर्ति व्यवस्था का विस्तार प्रस्तावित है। इससे नवादा और बिहारशरीफ तक गंगाजल पहुंचाने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। इसके साथ ही भूजल पर निर्भरता घटाने और जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है।गंगाजल आपूर्ति योजना गया समेत दक्षिण बिहार के कई शहरों में पेयजल व्यवस्था को नई दिशा दे रही है। टैंकरों पर निर्भरता कम होने और घरों तक पानी पहुंचने से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हुई है। हालांकि, इस पहल की दीर्घकालिक कामयाबी नियमित आपूर्ति, जल की गुणवत्ता और जलस्रोतों के टिकाऊ प्रबंधन पर भी निर्भर करेगी।