Bihar Crime : 40 लाख निवेश लौटाने की मांग पड़ी भारी? रंगदारी केस को दंपती ने बताया साजिश, SSP-IG से लगाई निष्पक्ष जांच की गुहार

Bihar Crime: दंपती ने खुद पर दर्ज रंगदारी और धमकी के मुकदमे को झूठा बताते हुए पुलिस के आला अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई है।

हक के पैसे मांगे तो बना दिया आरोपी!- फोटो : MANOJ

Gayaji: एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक दंपती ने खुद पर दर्ज रंगदारी और धमकी के मुकदमे को झूठा बताते हुए पुलिस के आला अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाई है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गोड़िया मठ मोहल्ला निवासी अमित कुमार और उनकी पत्नी शिल्पा गुप्ता ने प्रेस वार्ता कर बिल्डर विकास कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दंपती का दावा है कि 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी देने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। उनका कहना है कि यह मामला उनकी मेहनत की कमाई वापस मांगने के बाद दबाव बनाने और उन्हें कानूनी पचड़े में फंसाने की साजिश के तहत दर्ज कराया गया है।

अमित कुमार ने बताया कि आरोपी विकास कुमार उनके चचेरे भाई हैं। पारिवारिक संबंधों और भरोसे के आधार पर उन्होंने अपनी पत्नी शिल्पा गुप्ता समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर गजाधर टावर निर्माण परियोजना में करीब 40 लाख रुपये का निवेश किया था।उन्होंने बताया कि समझौते के अनुसार उन्हें 35 लाख रुपये में 2BHK फ्लैट दिया जाना था। इसके अलावा निवेश की गई राशि वापस करने का आश्वासन भी स्टांप पेपर पर लिखित रूप से दर्ज किया गया था।अमित कुमार का आरोप है कि तय समय बीतने के बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो बिल्डर लगातार टालमटोल करते रहे। इसके बाद जब वह अपने पैसे की मांग को लेकर कार्यालय पहुंचे तो उल्टा उनके खिलाफ रंगदारी और हथियार दिखाकर धमकी देने का केस दर्ज करा दिया गया।

पीड़ित दंपती ने दावा किया कि कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पूरे मामले की हकीकत सामने ला सकती है। उनका कहना है कि वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वह सामान्य तरीके से कार्यालय पहुंचे थे और उनके पास कोई हथियार नहीं था।अमित कुमार ने कहा कि अगर सीसीटीवी फुटेज, लिखित समझौते और अन्य दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी।

शिल्पा गुप्ता ने आरोप लगाया कि परिवार की मेहनत की कमाई लौटाने से बचने के लिए उनके पति को झूठे मुकदमे में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिश्तेदारी पर भरोसा करना उनके लिए नुकसानदायक साबित हुआ।दंपती ने गया के एसएसपी और मगध रेंज के आईजी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि न्याय तभी संभव है जब सभी पक्षों के साक्ष्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो।उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि मामले की तह तक जाकर वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई की जाए और किसी निर्दोष व्यक्ति को झूठे आरोपों के आधार पर परेशान न किया जाए।

रिपोर्ट- मनोज कुमार