Bihar Crime: गयाजी में नकली दवा माफिया पर शिकंजा, गोदाम से 8 42 लाख की फर्जी दवाएं बरामद, दस्तावेज गायब मिलने से गहराया शक

Bihar Crime: औषधि विभाग और नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम ने कोतवाली थाना क्षेत्र के मुरारपुर लॉ रोड स्थित एक मकान में छापेमारी कर करीब 8 लाख 42 हजार रुपये मूल्य की नकली दवाएं बरामद की हैं।

फर्जी दवा बरामद - फोटो : MANOJ

Bihar Crime: गयाजी जिले में नकली और अवैध दवाओं के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। औषधि विभाग और नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम ने कोतवाली थाना क्षेत्र के मुरारपुर लॉ रोड स्थित एक मकान में छापेमारी कर करीब 8 लाख 42 हजार रुपये मूल्य की नकली दवाएं बरामद की हैं। कार्रवाई के बाद नकली दवा कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी संजय कुमार शर्मा के किराए के मकान में बने दो कमरों में की गई। टीम ने दोनों कमरों की तलाशी ली, जहां भारी मात्रा में संदिग्ध दवाएं मिलीं। इसके बाद अधिकारियों ने दोनों कमरों को सील कर दिया है और बरामद दवाओं को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।

छापेमारी के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि दवाओं से संबंधित कोई वैध दस्तावेज, खरीद-बिक्री के बिल या अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले। इससे अधिकारियों को शक है कि इन दवाओं का इस्तेमाल अवैध तरीके से बाजार में खपाने की तैयारी थी।

औषधि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जब्त की गई दवाओं में करीब 22 प्रकार की प्रमुख नकली दवाएं शामिल हैं। सभी दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये दवाएं वास्तव में नकली हैं या नहीं और इनके निर्माण व सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हो सके।

पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई है, ताकि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि नकली दवाओं का यह कारोबार कहां तक फैला हुआ है और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि दवा खरीदते समय सावधानी बरतें। किसी भी दवा के पैकेट पर दर्ज बैच नंबर, निर्माण कंपनी, एक्सपायरी डेट और अन्य जरूरी जानकारियों की जांच जरूर करें। साथ ही दवाएं केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही खरीदें।

स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में नकली दवाओं का कारोबार बेहद गंभीर अपराध माना जाता है, क्योंकि इससे मरीजों की जान पर खतरा पैदा हो सकता है। यही वजह है कि प्रशासन और औषधि विभाग ऐसे मामलों में लगातार निगरानी बढ़ा रहे हैं।फिलहाल मामले की जांच जारी है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकली दवाएं कहां से लाई गई थीं, किन लोगों तक पहुंचाई जानी थीं और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। जांच के बाद इस मामले में और बड़ी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।

रिपोर्ट: मनोज कुमार