गयाजी: आखिर कस्टडी में था अपराधी तो गोली कैसा चलाया.... इनकाउंटर पर उठ रहे सवाल ?

गयाजी: पुलिस के इनकाउंटर पर उठे सवाल। बीती रात (22/10/2026) को गयाजी पुलिस ने दो अपराधियों को पुलिस कस्टडी से भागने के क्रम में पैर में गोली मार दी। बताया जा रहा है कि पुलिस इन अपराधियों की निशानदेही पर हथियार बरामद करने गई थी। गयाजी पुलिस के मुताबि

गयाजी: पुलिस के इनकाउंटर पर उठे सवाल। बीती रात (22/10/2026) को गयाजी पुलिस ने दो अपराधियों को पुलिस कस्टडी से भागने के क्रम में पैर में गोली मार दी। बताया जा रहा है कि पुलिस इन अपराधियों की निशानदेही पर हथियार बरामद करने गई थी। गयाजी पुलिस (सिटी एसपी, अभिनव) के मुताबिक हथियार बरामदगी के दौरान अपराधी पुलिस पर फायरिंग कर भागने लगे। आत्मरक्षार्थ पुलिस ने भी गोई चलाई और दोनों अपराधी घायल होकर गिर पड़े। वर्तमान में दोनों का इलाज मगध मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

             गौरतलब है कि 19 अक्टूबर को गयाजी के सिद्धार्थ नगर मोहल्ला में दो लड़को को गोली मार दी गई थी। दोनो भाई बताए जा रहे हैं। उन दोनों में से एक की मृत्यु हो चुकी है और दूसरा का इलाज पटना के मेदांता अस्पताल में चल रहा है। इस मामले में कुल 07 लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। दो की गिरफ्तारी शुरुआती दौर में ही हो गई। दो मुख्य अपराधी बाद में पकड़े गये। बतौर सिटी एसपी अभिनव इन दोनों (मुख्य अपराधी) ने साजिश के तहत पुलिस को हथियार बरामदगी के नाम पर गुरूवार को आधी रात को घटनास्थल पर लाया।  यहां पहुंचने के बाद  पर पुलिस पर गोलीबारी करते हुए भागने लगे। पुलिस के इसी थ्योरी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  1. जब हथियार बरामद करने पुलिस अपराधियों के साथ पहुंची तो पुलिस कस्टडी में रहने वाले अपराधी के पास हथियार कहां से आया?
  2. हथियार पुलिस बरामद कर रही थी या अपराधी ? 
  3. गौरतलब है कि अपराधी यह बताता है कि हथियार कहां रखा हुआ है। बरामदगी पुलिस करती है।
  4. क्या अपराधी वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ से बरामद हथियार छीन कर पुलिस पर फायरिंग करने लगे?
  5. अगर ऐसा हुआ तो सिटी एसपी के बयान में ये बातें क्यूं नहीं आई?
  6. अगर अपराधी पुलिस से हथियार छीनने में कामयाब हुए तो पुलिस के साथ छिनाझपटी के प्रमाण होने चाहिए।
  7. मर्डर केस के अभियुक्त के साथ छापेमारी में जा रही पुलिस बल की संख्या क्या एक दो की थी जो अपराधी हथियार छीन कर फायरिंग करते हुए भागने लगे ?
  8. एक और बड़ा सवाल? जो हथियार बरामद हुआ उसके साथ कितना जिंदा कारतूस पकड़ाया? 

दरअसल इस हाफ इनकाउंटर के बाद मीडिया में क्या बयान दिया जाए इसकी तैयारी भी पुलिस कप्तान महोदय के पास हाफ जैसी ही थी। अगर आप ऐसा कहते कि बरामद हथियार पुलिस से छीनकर अपराधी भागने की कोशिश करने लगे लिहाजा आत्मरक्षार्थ पुलिस को गोली चलानी पड़ी। तब बात कुछ हद तक हजम हो सकती थी।

गयाजी में जो सिटी एसपी हैं वो अक्सर बिना तैयारी के ही अनुमान पर बोलने के लिए विख्यात हैं। इसके पहले हुजूर पटना सिटी में एएसपी थे। इसी साल के शुरुआती महिने में नीट मेडिकल की तैयारी करने वाली एक छात्र की मौत हो गई थी। साहेब ने बिना मेडिकल रिपोर्ट देखे/आए पहले ही ऐलान कर दिया ‘मामला रेप का नहीं है’। उसके बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से लेकर कपड़ों की एफएसएल जांच ने बलात्कार जैसी घटना होने की ओर इशारा किया। उस समय भी साहेब की खूब किरकिरी हई थी। इस बार भी साहेब बिना तैयारी के कुछ अजीब बोल गये।