मगध मेडिकल अस्पताल में दो नौ माह की बच्चियों की सफल सर्जरी, जन्मजात विकृति का हुआ इलाज

अस्पताल के उपाधीक्षक सह आरबीएसके नोडल पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में दोनों बच्चियों के इलाज और ऑपरेशन की प्रक्रिया संपन्न हुई।

Gaya Magadh Medical Hospital- फोटो : news4nation

Bihar News :  अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत जन्मजात विकृति से पीड़ित दो नौ माह की बच्चियों का सफल ऑपरेशन किया गया। इनमें एक बच्ची के फटे तालु की सर्जरी की गई, जबकि दूसरी बच्ची के दोनों तरफ से कटे होंठ का ऑपरेशन किया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने दोनों सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया।


जानकारी के अनुसार, औरंगाबाद की रहने वाली ब्यूटी कुमारी के फटे तालु का ऑपरेशन किया गया। वहीं, नीमचक बथानी की अंशिका कुमारी के दोनों तरफ से कटे होंठ की सर्जरी की गई। ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम शंकर तिवारी और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अरविंद कुमार आदित्य के नेतृत्व में एनेस्थीसिया की प्रक्रिया पूरी की गई। प्लास्टिक सर्जन डॉ. संजय ने सर्जरी में अहम भूमिका निभाई।


अस्पताल के उपाधीक्षक सह आरबीएसके नोडल पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में दोनों बच्चियों के इलाज और ऑपरेशन की प्रक्रिया संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जन्मजात विकृति से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार और सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।


डॉ. अग्रवाल के मुताबिक, कटे होंठ और फटे तालु का समय पर ऑपरेशन होने से बच्चों को भोजन करने और बोलने में होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिलती है। आरबीएसके का उद्देश्य ऐसे बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराकर उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है।


पुष्कर की रिपोर्ट