Gaya Pitru Paksha Fair: पितृपक्ष मेला 2026 से पहले गया में बड़ा एक्शन! सफाई, पेयजल और रोशनी पर नगर निगम का फोकस

Gaya Pitru Paksha Fair: पितृपक्ष मेला 2026 से पहले गया नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सफाई, रोशनी और पेयजल व्यवस्था पर विशेष फोकस है। 170 ठेले और 1500 डस्टबिन भी खरीदे जाएंगे।

Gaya Pitru Paksha Fair: पितृपक्ष मेला को लेकर गया नगर निगम ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को नगर निगम सभागार में मेयर वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में सशक्त स्थायी समिति की बैठक हुई। इसमें मेले के दौरान शहर और मेला क्षेत्र में सफाई, रोशनी और पेयजल की व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।


मेयर ने बताया कि इस बार पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और पिंडदानी गया पहुंचेंगे। नगर निगम का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और मेला क्षेत्र में जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध रहें।


मेला क्षेत्र में सफाई पर रहेगी खास नजर


पितृपक्ष के दौरान गया में सफाई व्यवस्था सबसे अहम मानी जा रही है। नगर निगम ने मेला क्षेत्र में सफाई के लिए आउटसोर्सिंग की व्यवस्था करने का फैसला लिया है। सफाई का काम लगातार निगरानी में कराया जाएगा, ताकि भीड़ बढ़ने के बावजूद सड़कों और प्रमुख स्थानों पर गंदगी जमा न हो। नगर निगम के अधिकारी भी रोजाना मेला क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे। सफाई व्यवस्था में लापरवाही मिलने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।


सात टीमें करेंगी लाइटिंग की निगरानी


मेला क्षेत्र में रात के समय रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था के लिए नगर निगम ने सात टीमों का गठन किया है। ये टीमें खराब स्ट्रीट लाइट, तिरंगा लाइट और रोपवे लाइन की जांच कर उन्हें ठीक करेंगी। जहां जरूरत होगी, वहां नई लाइट भी लगाई जाएगी। नगर निगम की कोशिश है कि मेला क्षेत्र के प्रमुख रास्ते और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले स्थान रात में भी पर्याप्त रोशनी से जगमगाते रहें।


कचरे से बदबू रोकने के लिए होगा इत्र का छिड़काव


मेले में रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा निकलने की संभावना है। इससे दुर्गंध की समस्या न हो, इसके लिए नगर निगम ने कचरे पर इत्र का छिड़काव कराने का फैसला लिया है। कचरे को ढककर रखने और उसका नियमित उठाव कराने पर भी जोर दिया गया है।

सफाईकर्मियों के लिए ड्रेस कोड भी तय किया गया है। सभी सफाई कर्मचारी निर्धारित ड्रेस में ही काम करेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सफाई व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही न होने पाए।


वाटर एटीएम की खरीद में देरी पर जताई नाराजगी


पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालुओं को ठंडा और साफ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सोलर वाटर एटीएम लगाने की योजना बनाई गई है। लेकिन बैठक में इसकी खरीदारी अब तक पूरी नहीं होने का मुद्दा उठा। सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने खरीद प्रक्रिया में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मेला शुरू होने में कम समय बचा है, इसलिए जरूरी सामान की खरीद में देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित कार्यालय अभियंता और सहायक अभियंता से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। बैठक में अधिकारियों को यह भी कहा गया कि मेला शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो।

170 ठेले और 1500 डस्टबिन खरीदे जाएंगे


नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए संसाधन खरीदने का भी फैसला लिया है। इसके तहत 170 सफाई ठेले खरीदे जाएंगे और इन्हें अलग-अलग वार्डों में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा 1500 डस्टबिन, सात हाईपर मशीन और दो जेसीबी मशीन खरीदने की योजना है। नगर निगम को उम्मीद है कि इन संसाधनों के मिलने से सफाई कार्य को तेजी से करने में मदद मिलेगी।


श्रद्धालुओं की सुविधा पर रहेगा पूरा फोकस


बैठक में मेयर वीरेंद्र कुमार ने साफ कहा कि पितृपक्ष मेला गया की पहचान से जुड़ा आयोजन है। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। सफाई, रोशनी और पेयजल को सबसे जरूरी व्यवस्था बताते हुए उन्होंने अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त डॉ. गगन समेत सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, विनोद कुमार यादव, मनोज कुमार, सारिका कुमारी, उपेंद्र कुमार सिंह, चुन्नू खान सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।