Aurangabad fake IPS: औरंगाबाद में पुलिस के नाम पर हैरान करने वाली ठगी, महिला से गहने उतरवाए; पुलिस टीम को भी चकमा

Aurangabad fake IPS: औरंगाबाद में पुलिस के नाम पर दो चौंकाने वाले मामले सामने आए। महिला से पुलिसकर्मी बनकर गहने उतरवाए गए, जबकि फर्जी IPS ने पुलिस टीम से NH-139 पर वाहन जांच कराई।

Aurangabad fake IPS

Aurangabad fake IPS: बिहार के औरंगाबाद जिले में दो अलग-अलग घटनाओं ने पुलिस की पहचान और वर्दी के नाम पर लोगों को झांसे में लेने के तरीके को सामने ला दिया है। एक मामले में बाइक सवार युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर सुबह टहलने निकली महिला से सोने के कंगन और अंगूठी उतरवा ली। दूसरे मामले में एक युवक ने खुद को ट्रेनी IPS अधिकारी बताकर नगर थाना की पुलिस टीम को अपने साथ लिया और NH-139 पर वाहनों की जांच तक कर डाली।


दोनों मामलों में पुलिस के नाम और रौब का इस्तेमाल किया गया। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, उनके साथियों और पूरे मामले की कड़ियों की जांच कर रही है।


पुलिसकर्मी बनकर महिला से उतरवाए गहने


पहली घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। भास्कर नगर, कर्मा रोड और पुलिस लाइन के पास रहने वाली धनीराज देवी ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। महिला के मुताबिक, वह सुबह करीब 7:30 बजे कर्मा से चुटकिया बाबा की तरफ पैदल जा रही थीं। इसी दौरान बाइक से आए दो युवकों ने उन्हें रोका और खुद को पुलिसकर्मी बताया। दोनों ने महिला को यह कहकर डराया कि इलाके में गहने पहनकर निकलने वाली महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है।


आरोपियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए महिला से कंगन और अंगूठी उतारने को कहा। पुलिस का नाम सुनकर महिला उनके झांसे में आ गईं। आरोप है कि युवकों ने उनसे गहने उतरवा लिए और बाइक से बिजली ऑफिस की ओर भाग गए। महिला ने मुफस्सिल थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है।


दूसरी घटना में खुद को बताया ट्रेनी IPS


दूसरी घटना में मामला और भी चौंकाने वाला है। एक युवक ने कथित तौर पर खुद को ट्रेनी IPS अधिकारी बताया और नगर थाना पुलिस को ही अपने साथ लेकर वाहनों की जांच शुरू कर दी। बताया गया कि युवक ने नगर थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर फोन किया और खुद को ट्रेनी IPS अधिकारी बताते हुए छापेमारी के लिए पुलिस टीम मांगी। उस समय सरकारी मोबाइल प्रभारी थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार के पास था। युवक ने खुद को अधिकारी बताकर पुलिसकर्मियों को भरोसे में लिया और गश्ती टीम उसके साथ निकल गई। इसके बाद NH-139 पर जसोइया मोड़ से सीमेंट फैक्ट्री के बीच वाहनों की जांच की गई। इस दौरान एक सब्जी कारोबारी से भी पूछताछ की गई। बाद में पुलिस टीम के साथ युवक अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन की ओर पहुंचा।


दो युवकों को स्कॉर्पियो में बैठाकर ले जाने का आरोप


रेलवे स्टेशन के पास शहर की तरफ आ रहे एक टेंपो को रोककर तीन यात्रियों से पूछताछ की गई। इनमें आलोक कुमार, सुनील कुमार रवि और अजय कुमार बताए गए हैं। पूछताछ के बाद अजय को जाने दिया गया, जबकि आरोप है कि आलोक और सुनील को युवक अपनी स्कॉर्पियो में बैठाकर मदनपुर की ओर ले जाने लगा। अजय ने दोनों युवकों के परिवारवालों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद आलोक और सुनील के एक रिश्तेदार, जो झारखंड पुलिस में दारोगा हैं, ने मोबाइल पर उस युवक से बातचीत की। बताया गया कि जैसे ही कथित फर्जी IPS को सामने वाले व्यक्ति के पुलिस अधिकारी होने की जानकारी मिली, उसने दोनों युवकों को कामा बिगहा जीटी रोड के पास उतार दिया और स्कॉर्पियो लेकर वहां से निकल गया। दोनों युवकों ने पुलिस को बताया कि उन्हें मोबाइल फोन से बात करने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। उन्होंने डराने-धमकाने और मारपीट के आरोप भी लगाए हैं। पुलिस के अनुसार, नगर थाना के एक दारोगा को भी आरोपी ने मोबाइल पर बात करने से रोकने की कोशिश की थी।


पुलिस ने स्कॉर्पियो बरामद कर दो लोगों को पकड़ा


मामले की जानकारी मिलने के बाद एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने जिले के सभी थानों को अलर्ट किया और आरोपी को पकड़ने का निर्देश दिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कथित फर्जी IPS स्कॉर्पियो से पलामू की तरफ जा रहा है। एरका चेकपोस्ट के पास पुलिस की जांच देखकर आरोपी स्कॉर्पियो छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से वाहन के चालक पिंटू कुमार को पकड़ लिया। इसके बाद कुंदन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार पिंटू कुमार पलामू जिले के डाल्टेनगंज का रहने वाला है, जबकि कुंदन कुमार चैनपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर मोहल्ले का निवासी बताया गया है। पुलिस ने स्कॉर्पियो को भी बरामद कर लिया है।


वाहन के मालिक की भी जांच


पुलिस की जांच में स्कॉर्पियो के रजिस्ट्रेशन से उसके मालिक के तौर पर पटना के रामकृष्णानगर स्थित जकरियापुर निवासी संजय कुमार मिश्रा का नाम सामने आया है। पुलिस ने रजिस्ट्रेशन में दर्ज मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद मिला। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन का इस्तेमाल इस घटना में किस तरह किया गया और मुख्य आरोपी के अलावा इस पूरे मामले में और कौन लोग शामिल थे।


पुलिस के नाम के दुरुपयोग से बढ़ी चिंता


एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा के अनुसार, मुख्य आरोपी कुंदन कुमार समेत अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक ने खुद को IPS अधिकारी बताकर पुलिस टीम को अपने साथ क्यों लिया।


दोनों घटनाओं का तरीका अलग है, लेकिन दोनों में पुलिस की पहचान और अधिकार के नाम का इस्तेमाल किया गया। एक घटना में महिला को पुलिस का डर दिखाकर उसके गहने उतरवाए गए, जबकि दूसरी घटना में कथित फर्जी IPS ने पुलिसकर्मियों को ही अपने प्रभाव में लेकर उनसे वाहन जांच कराई। इन घटनाओं के बाद पुलिस अब न केवल आरोपियों की तलाश कर रही है, बल्कि यह भी जांच रही है कि कहीं पुलिस की पहचान और सरकारी संसाधनों के नाम पर लोगों को ठगने वाला कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।