Bihar News: गयाजी में BHU-AMU की शाखाओं के लिए उठी बुलंद आवाज, कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से की बड़ी मांग, उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

Bihar News: बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार और छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मुहैया कराने की मांग तेज हो गई है।

दो प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की शाखाएं खोलने की मांग- फोटो : MANOJ

Bihar News: बिहार में उच्च शिक्षा के विस्तार और छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मुहैया कराने की मांग तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से गयाजी जिले में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय  और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय  की शाखाएं स्थापित करने की मांग की है। नेताओं का कहना है कि प्राचीन विरासत, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन में अहम पहचान और पहले से मौजूद प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के कारण गयाजी इन दोनों विश्वविद्यालयों के कैंपस के लिए मुफीद जगह साबित हो सकता है।इस मांग को लेकर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि और गयाजी में BHU-AMU की शाखा खोलो संघर्ष समिति के संयोजक विजय कुमार मिट्ठू सहित कई नेताओं ने केंद्र सरकार से पहल करने की अपील की है।

इस मांग को उठाने वालों में पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, बाबूलाल प्रसाद सिंह, डॉ. अनिल कुमार सिन्हा, प्रो. विश्वनाथ कुमार, राम प्रमोद सिंह, विपिन बिहारी सिन्हा, धर्मेंद्र कुमार निराला, सुनील कुमार पासवान, चंदन कुमार महतो, अनिल कुमार यादव, वाल्मीकि प्रसाद, प्रो. मुद्रिका सिंह नायक, बृजमोहन शर्मा और श्रीकांत शर्मा समेत अन्य लोग शामिल हैं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिहार में लंबे अरसे से BHU और AMU की शाखाएं स्थापित करने की मांग उठती रही है। उनके मुताबिक, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की शाखा के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद डॉ. जावेद लगातार आवाज उठा रहे हैं। वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कुछ दिन पहले कैमूर की एक सभा में बिहार में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की दो शाखाएं खोलने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने की बात कही थी। नेताओं ने इस पहल को आगे बढ़ाते हुए गयाजी को प्राथमिकता देने की मांग की है।

कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि गयाजी में केंद्र सरकार की सैकड़ों एकड़ जमीन उपलब्ध है, जिसका इस्तेमाल इन दोनों प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों की शाखाएं स्थापित करने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के आसपास दरियापुर, पंचानपुर और टिकारी के समीप रक्षा मंत्रालय की लगभग 600 एकड़ खाली जमीन का उल्लेख किया। इसके अलावा मगध विश्वविद्यालय की जमीन को भी संभावित विकल्प बताया।नेताओं के अनुसार, मगध विश्वविद्यालय के पास लगभग 525 एकड़ जमीन है। इसमें से करीब 125 एकड़ जमीन आईआईएम को दिए जाने के बाद भी शेष भूमि में विश्वविद्यालय विस्तार की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। उनका दावा है कि गयाजी में जमीन की उपलब्धता के चलते दोनों संस्थानों के कैंपस स्थापित करने की दिशा में व्यावहारिक विकल्प मौजूद हैं। हालांकि, जमीन की वास्तविक उपलब्धता और उपयुक्तता का निर्धारण संबंधित सरकारी विभागों की जांच के बाद ही होगा।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि गयाजी में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM), ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), आईआईएचएम, बिहार प्रशासनिक अकादमी और मगध विश्वविद्यालय जैसे संस्थान मौजूद हैं। ऐसे में BHU और AMU की शाखाएं खुलने से जिले की शैक्षणिक पहचान और मजबूत हो सकती है।उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और हवाई मार्ग से बेहतर संपर्क के कारण बिहार के विभिन्न जिलों के विद्यार्थियों को गयाजी पहुंचने में सहूलियत होगी। दोनों विश्वविद्यालयों की शाखाएं स्थापित होने से उच्च शिक्षा के नए अवसर पैदा हो सकते हैं, शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है और स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं भी विकसित हो सकती हैं। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से मांग की है कि गयाजी में BHU और AMU की शाखाएं खोलने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाए। उनका कहना है कि इससे बिहार के विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ाई के अधिक अवसर मिलेंगे और राज्य में उच्च शिक्षा के विकास को नई रफ्तार मिल सकती है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार