Gaya tempo stand dispute: गया पितृपक्ष मेला 2026 में टेंपो स्टैंड शुल्क पर घमासान, पुलिस पर कलेक्शन रोकने का आरोप
Gaya tempo stand dispute: गया में पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान टेंपो स्टैंड शुल्क वसूली को लेकर विवाद बढ़ गया है। बंदोबस्तधारियों ने पुलिस पर कलेक्शन रोकने का आरोप लगाया है।
Gaya tempo stand dispute: पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान गया शहर में टेंपो स्टैंड की बंदोबस्ती और वाहन शुल्क की वसूली को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। चौक टेंपो स्टैंड और जिला स्कूल पूर्वी-पश्चिमी गेट टेंपो स्टैंड से जुड़े बंदोबस्तधारियों ने पुलिस प्रशासन पर कलेक्शन रोकने और स्टैंड कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है।
बंदोबस्तधारियों का कहना है कि नगर निगम ने पितृपक्ष मेले के दौरान तीर्थयात्रियों के वाहनों से शुल्क नहीं लेने का निर्देश दिया है। साथ ही सामान्य वाहनों से निर्धारित शुल्क लेने की अनुमति दी गई है। उनका आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस की ओर से सामान्य वाहनों से भी शुल्क लेने से रोका जा रहा है।
नगर निगम ने जारी किया है लिखित आदेश
मामले को लेकर गया नगर निगम की सामान्य शाखा की ओर से 29 सितंबर को जारी पत्र भी सामने आया है। पत्र में संबंधित संवेदकों को निर्देश दिया गया है कि पितृपक्ष मेला 2026 खत्म होने तक तीर्थयात्रियों के वाहनों से किसी तरह की राशि नहीं ली जाए। नगर निगम ने यह भी कहा है कि निर्धारित चौहद्दी के अंदर दूसरे वाहनों से नियम के अनुसार शुल्क लिया जा सकता है। यदि चौहद्दी के बाहर या तीर्थयात्रियों के वाहनों से शुल्क लेने की शिकायत मिलती है तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पर मौखिक रूप से कलेक्शन रोकने का आरोप
स्टैंड से जुड़े अनिल कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें पुलिस प्रशासन की ओर से मौखिक रूप से कलेक्शन बंद करने को कहा जा रहा है। उनका कहना है कि उनका स्टैंड मुख्य सड़क पर स्थित है। ऐसे में सामान्य वाहनों से शुल्क किस जगह लिया जाए, इसे लेकर प्रशासन को साफ जानकारी देनी चाहिए। अनिल कुमार सिंह के अनुसार बंदोबस्तधारी सरकार को बंदोबस्ती के रूप में बड़ी राशि देते हैं। अगर मेले के दौरान पूरी तरह शुल्क वसूली बंद रहती है तो उन्हें आर्थिक नुकसान होगा। उन्होंने मांग की है कि यदि 15 दिनों तक शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं मिलती है तो उतनी अवधि के राजस्व में राहत दी जानी चाहिए।
रोजाना 35 हजार रुपये नुकसान का दावा
बंदोबस्तधारियों ने दावा किया है कि चौक टेंपो स्टैंड से करीब 25 हजार रुपये और जिला स्कूल क्षेत्र से करीब 10 हजार रुपये की रोजाना वसूली प्रभावित हो रही है। इस तरह कुल करीब 35 हजार रुपये प्रतिदिन के नुकसान का दावा किया गया है।
हालांकि, नुकसान से जुड़े इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। चौक टेंपो स्टैंड के बंदोबस्तधारी जय सिंह ने भी प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी है। उनका कहना है कि उनके नाम पर चौक टेंपो स्टैंड की बंदोबस्ती है। जय सिंह का आरोप है कि पुलिसकर्मी स्टैंड पर पहुंचकर शुल्क वसूली रोकने की बात कहते हैं और कार्रवाई की चेतावनी देते हैं। उनका कहना है कि अगर प्रशासन शुल्क वसूली पर रोक लगाना चाहता है तो इसका स्पष्ट लिखित आदेश जारी किया जाना चाहिए।
नगर निगम और पुलिस के आदेश को लेकर असमंजस
बंदोबस्तधारियों का कहना है कि नगर आयुक्त की ओर से लिखित आदेश जारी किया गया है, लेकिन स्थानीय पुलिस स्तर पर अलग निर्देश दिए जा रहे हैं। उनके मुताबिक पुलिस की ओर से कहा जा रहा है कि जिलाधिकारी या वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के स्तर से स्पष्ट आदेश मिलने के बाद ही स्थिति साफ होगी। नगर निगम के पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी और जिला नियंत्रण कक्ष को भी भेजी गई है। पत्र में संबंधित अधिकारियों से जरूरी कार्रवाई की बात कही गई है।
आंदोलन की चेतावनी
बंदोबस्तधारियों का कहना है कि वे तीर्थयात्रियों से शुल्क वसूलने की मांग नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि नगर निगम के निर्देश के अनुसार तीर्थयात्रियों के वाहनों से शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। उनकी मुख्य मांग सामान्य वाहनों से निर्धारित शुल्क की वसूली को लेकर स्पष्ट निर्देश और बंदोबस्ती की रकम में संभावित नुकसान के अनुसार राहत देने की है। मांग पूरी नहीं होने पर बंदोबस्तधारियों ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
गया से मनोज की रिपोर्ट