गयाजी का अनोखा कृष्ण द्वारका मंदिर: दिन में चार रूप बदलते हैं भगवान, दर्शन के लिए देशभर से पहुंचते हैं श्रद्धालु
गया के ऐतिहासिक विष्णुपद क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध 'कृष्ण द्वारका मंदिर' श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण दिन के चारों प्रहर अलग-अलग रूपों में दर्शन देते हैं...
Gayaji : गया के ऐतिहासिक विष्णुपद क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध 'कृष्ण द्वारका मंदिर' श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सदियों पुराने इस दिव्य धाम में भगवान द्वारकाधीश की अति मनमोहक प्रतिमा स्थापित है। मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण दिन के चारों प्रहर अलग-अलग रूपों में दर्शन देते हैं—सुबह बाल रूप, दोपहर में विशेष स्वरूप, संध्या काल में मनमोहक यौवन रूप और रात्रि में प्रौढ़ स्वरूप।
नौकरी और संतान प्राप्ति की मनोकामना होती है पूरी
मंदिर के मुख्य पुजारी अरविंद कुमार मिश्रा के अनुसार, इस पावन धाम में पूजा-अर्चना करने से बेरोजगारी दूर होने, मनचाही नौकरी मिलने और संतान सुख की प्राप्ति की विशेष धार्मिक मान्यता है। श्रद्धालुओं का दृढ़ विश्वास है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन और निष्कपट भाव से अपनी अर्जी लगाता है, भगवान द्वारकाधीश उसकी हर मनोकामना शीघ्र पूरी करते हैं।
स्वयं प्रकटी प्रतिमा और 300 साल पुराना इतिहास
मंदिर के इतिहास के बारे में बताया जाता है कि यहां विराजमान दिव्य प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी, जिसे लगभग तीन सौ वर्ष पहले मंदिर बनाकर स्थापित किया गया। अष्टधातु से निर्मित बताई जाने वाली यह प्रतिमा सदियों बाद भी अपनी अद्भुत चमक और आकर्षक स्वरूप के लिए भक्तों को मंत्रमुग्ध कर देती है।
गुजरात के द्वारकाधीश मंदिर से समानता
गया के इस मंदिर की प्रतिमा की बनावट और स्वरूप की तुलना गुजरात के विश्वप्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर की प्रतिमा से की जाती है। दोनों प्रतिमाओं के बीच की यह अद्भुत समानता श्रद्धालुओं के कौतूहल और श्रद्धा को और बढ़ा देती है। यही वजह है कि यह मंदिर अपने धार्मिक महत्त्व और चमत्कारी मान्यताओं के लिए देशभर में खास पहचान रखता है।
मनोज की रिपोर्ट