Bihar missing girls: 4 नाबालिग लड़कियां अचानक हुईं गायब! गया पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से महाराष्ट्र में खोज निकाला
Bihar missing girls: गया के वजीरगंज से एक साथ लापता हुईं चार नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने महाराष्ट्र के पालघर से सुरक्षित बरामद कर लिया। मोबाइल लोकेशन से पुलिस को अहम सुराग मिला।
Bihar missing girls: बिहार के गया जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र से एक साथ लापता हुईं चार नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने महाराष्ट्र से सुरक्षित बरामद कर लिया है। चारों लड़कियां 9 सितंबर को घर से स्कूल का फॉर्म भरने की बात कहकर निकली थीं। इसके बाद वे वापस नहीं लौटीं। चारों के एक साथ गायब होने की खबर से परिवार और गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई थी।
लड़कियों की बरामदगी की जानकारी वजीरगंज के एसडीपीओ अभिनव कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दी। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल लोकेशन और तकनीकी जांच के आधार पर टीम महाराष्ट्र तक पहुंची और पालघर जिले के बोलिंज थाना क्षेत्र से चारों को सकुशल बरामद किया गया।
पिता की शिकायत के बाद शुरू हुई पुलिस की जांच
चारों लड़कियों के लापता होने के बाद 10 सितंबर को एक लड़की के पिता पप्पू राम ने वजीरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी के साथ गांव की तीन अन्य नाबालिग लड़कियां भी सकरदास नवादा में स्कूल का फॉर्म भरने की बात कहकर घर से निकली थीं। काफी समय बीतने के बाद भी जब वे घर नहीं लौटीं तो परिवार वालों ने उनकी तलाश शुरू की। पुलिस ने इस मामले में वजीरगंज थाना कांड संख्या 405/26 दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सुशील कुमार ने एसडीपीओ वजीरगंज कैंप अभिनव कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई। इसमें वजीरगंज थाना पुलिस के साथ गया की तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया।
मोबाइल लोकेशन से मिला महाराष्ट्र का सुराग
पुलिस ने जांच के दौरान तकनीकी माध्यमों से लड़कियों की तलाश शुरू की। इसी क्रम में उनकी मोबाइल लोकेशन मुंबई के आसपास मिली। गांव के एक लड़के से हुई बातचीत से भी पुलिस को अहम जानकारी मिली। इसके बाद जांच टीम को यह संकेत मिला कि चारों लड़कियां बिहार से बाहर जा चुकी हैं। गया पुलिस की तकनीकी शाखा ने महाराष्ट्र पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद मुंबई पुलिस की मदद से पालघर जिले के बोलिंज थाना क्षेत्र में कार्रवाई की गई। पुलिस टीम ने चारों नाबालिगों को वहां से सुरक्षित बरामद कर लिया।
घर की परेशानी से नाराज होकर निकली थीं लड़कियां
एसडीपीओ अभिनव कुमार के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में चारों लड़कियों के जबरन ले जाने या अपहरण की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, लड़कियों ने बताया कि वे परिवार के माहौल से परेशान थीं। घर में होने वाली लड़ाई और डांट-फटकार से नाराज होकर उन्होंने घर छोड़ने का फैसला किया था। पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि चारों के मुंबई जाने की पहले से योजना थी। उनके परिवार के लोग वर्ष 2017-18 के आसपास मुंबई में रह चुके थे, इसलिए लड़कियों को वहां की जानकारी थी। पूछताछ के दौरान पढ़ाई का दबाव और कम उम्र में शादी को लेकर परिवार की ओर से पड़ने वाले दबाव की बात भी सामने आई है।
जिस क्लर्क पर आरोप लगा था, जांच में नहीं मिली भूमिका
लड़कियों के गायब होने के बाद परिजनों ने एक क्लर्क विवेक कुमार पर भी आरोप लगाए थे। पुलिस ने उससे उसी दिन पूछताछ की थी। जांच के दौरान क्लर्क की भूमिका सामने नहीं आई। पुलिस के मुताबिक, बरामद लड़कियों से पूछताछ में भी विवेक कुमार के उनके साथ जाने या उन्हें ले जाने की बात सामने नहीं आई है।
पुलिस ने तकनीकी जांच से जल्द खोज निकाला
चारों नाबालिगों के एक साथ दूसरे राज्य पहुंच जाने के कारण पुलिस के सामने उन्हें जल्द सुरक्षित बरामद करने की चुनौती थी। टीम ने मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित किया। लोकेशन मिलने के बाद बिहार पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के साथ संपर्क किया और स्थानीय पुलिस की मदद से लड़कियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। बरामदगी के बाद चारों को वापस वजीरगंज थाना लाया गया है। पुलिस अब उनके घर से निकलने से लेकर महाराष्ट्र पहुंचने तक की पूरी घटना की जानकारी जुटा रही है।
बेटियों की वापसी से परिवारों को मिली राहत
चारों लड़कियों के अचानक गायब होने के बाद उनके परिवार काफी परेशान थे। गांव में भी इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं होने लगी थीं। अब चारों के सुरक्षित वापस मिलने के बाद परिवार वालों ने राहत की सांस ली है। पुलिस के अनुसार, लड़कियों को समझाया गया है और उन्होंने आगे पढ़ाई पर ध्यान देने की बात कही है। अब उनके बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए जाएंगे। इसके बाद जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करके उन्हें उनके परिवार वालों को सौंपा जाएगा। इस कार्रवाई में एसडीपीओ अभिनव कुमार, थानाध्यक्ष नीरज कुमार, तकनीकी शाखा के धीरेंद्र कुमार, माला कुमारी, हर्षा कुमारी, प्रीतम कुमार, रजनीश चौधरी और सिपाही धर्मेंद्र कुमार व अमन कुमार शामिल रहे।
गया से मनोज की रिपोर्ट