'यादव जी की लव स्टोरी' पर गरमाई सियासत, यादव महासंघ ने दी सिनेमाघरों में तोड़फोड़ की चेतावनी

बिहार के गया जिले में फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अखिल भारतवर्षीय यादव महासंघ ने इस फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इसे सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बताया है ।

Gayaji - अखिल भारतवर्षीय यादव महासंघ (गया इकाई) ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया । चंदौती स्थित एलआईसी कार्यालय के समीप आयोजित इस बैठक में संगठन के पदाधिकारियों ने फिल्म के कंटेंट और उसके नाम पर गंभीर आपत्ति जताई 

विशेष समुदाय को टारगेट करने का आरोप

महासंघ के वक्ताओं, जिनमें मुखदेव यादव प्रमुख थे, ने आरोप लगाया कि यह फिल्म एक विशेष समुदाय की बेटियों को निशाना बनाकर बनाई गई है । उन्होंने कहा कि फिल्म में यादव समाज की लड़की और दूसरे समुदाय के लड़के के बीच प्रेम संबंधों को जिस तरह दिखाया गया है, वह समाज में आपसी मतभेद और तनाव पैदा करने की एक साजिश है । वक्ताओं का मानना है कि इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने की पूरी संभावना है 

 "बेटी के स्वाभिमान से समझौता नहीं"

संगठन के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी समुदाय की बेटी का स्वाभिमान बराबर होता है और उसे फिल्म के जरिए अपमानित करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । उन्होंने तर्क दिया कि फिल्म के कलाकार किसी और समुदाय से हैं, लेकिन जानबूझकर किरदारों के नाम और समुदाय को इस तरह रखा गया है जिससे एक वर्ग विशेष की गरिमा को ठेस पहुँचे 

25 फरवरी को विशाल प्रदर्शन की घोषणा

फिल्म के विरोध में महासंघ ने आगामी 25 फरवरी को गया के गांधी मैदान से एक बड़ी विरोध रैली निकालने का निर्णय लिया है । महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने फिल्म की रिलीज पर रोक नहीं लगाई, तो जिस भी सिनेमाघर में इसे प्रदर्शित किया जाएगा, वहाँ संगठन के सदस्य उग्र प्रदर्शन और तोड़फोड़ करेंगे 

राष्ट्रपति और सरकार से हस्तक्षेप की मांग

महासंघ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और बिहार सरकार से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है । उनकी प्रमुख मांग है कि फिल्म के नाम में परिवर्तन किया जाए या इसकी रिलीज पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया जाए । संगठन का कहना है कि वे समाज के सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

मुखदेव यादव (यादव महासंघ)  ने बताया कि  "यह फिल्म दो समुदायों के बीच मतभेद पैदा करने की साजिश है। इसमें हमारी बेटी के स्वाभिमान को टारगेट किया गया है। हम 25 फरवरी को गया के गांधी मैदान में जुटेंगे और किसी भी कीमत पर इस फिल्म को सिनेमाघरों में चलने नहीं देंगे।" 

रिपोर्ट - मनोज कुमार