Gaya News: विष्णु नगरी गया को पीएम मोदी देने वाले हैं बड़ा तोहफा! उद्योग और पढ़ाई के लिए टेक्नोलॉजी सेंटर का देंगे उपहार, जानें कब करेंगे शिलान्यास
गया इंजीनियरिंग कॉलेज में इंस्टीट्यूट और इंडस्ट्री मीट 2025 का आयोजन। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने टेक्नोलॉजी सेंटर की घोषणा की, जिससे 5000 रोजगार मिलेंगे।

Gaya News: गया इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में प्रमंडलस्तरीय इंस्टीट्यूट और इंडस्ट्री मीट 2025 का भव्य आयोजन किया गया। इस समारोह में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भाग लिया और बिहार के औद्योगिक विकास, शिक्षा और रोजगार के नए अवसरों पर जोर दिया।केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस कार्यक्रम में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि खिजरसराय में टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना की जाएगी। यह सेंटर मई और जून 2025 में शुरू होने वाला है।
टेक्नोलॉजी सेंटर में कई तरह की सुविधा मिलेगा, जिसके मुताबिक 5000 से अधिक नौकरियों का सृजन होगा। ड्रोन बनाने की अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। युवाओं को तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण मिलेगा। मंत्री ने बताया कि इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से समय मांगा गया है, जिससे इस परियोजना का कार्य जल्द शुरू हो सके।
शिक्षा और उद्योग के बीच समन्वय की जरूरत
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ उद्योग से जोड़ना जरूरी है। वे एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) विभाग से जुड़कर खुद का रोजगार शुरू कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग छात्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर स्टार्टअप और इनोवेशन की ओर बढ़ सकते हैं।
बिहार के युवाओं को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने की अपील
मंत्री ने यह भी कहा कि युवा संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करें और प्रकृति के साथ छेड़छाड़ न करें। उन्होंने संसद के अंतिम दिन का सत्र छोड़कर इस कार्यक्रम में भाग लेने की बात कही, जिससे इसकी महत्वपूर्णता का अंदाजा लगाया जा सकता है।बिहार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित कुमार सिंह ने कहा कि बिहार ऐसा राज्य है, जहां हर जिले में इंजीनियरिंग कॉलेज मौजूद हैं। अब सभी कॉलेज अपने खुद के भवन में संचालित हो रहे हैं।
शिक्षा को बेहद किफायती बना दिया
मंत्री सुमित कुमार सिंह ने कहा कि बिहार सरकार ने इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक की शिक्षा को बेहद किफायती बना दिया है।एक कप चाय की कीमत में बिहार के बच्चे इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकते हैं। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों से जुड़ें और यहां के छात्रों को नौकरी दें।बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेज किसी भी अन्य राज्य के संस्थानों से कम नहीं हैं।इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय प्रतिभा को प्रोत्साहित करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
इंजीनियरिंग कॉलेजों को 20-20 लाख रुपये अनुदान देने की मांग
मंत्री सुमित कुमार सिंह ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों को 20 लाख रुपये का अनुदान देने की अपील की।उन्होंने कहा कि गया अभियंत्रण महाविद्यालय को 20 लाख रुपये का अनुदान मिला है, इसलिए मगध प्रमंडल के अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों को भी अनुदान दिया जाना चाहिए।"इससे तकनीकी शिक्षा का स्तर सुधरेगा और नए संसाधन विकसित किए जा सकेंगे।
बिहार में विदेशी भाषाओं की पढ़ाई जल्द शुरू होगी
बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेश कांत वर्मा ने कहा कि फ्रेंच और जर्मन भाषा की पढ़ाई जल्द शुरू होगी। इससे बिहार के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा।बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय को 'बेस्ट इमर्जिंग यूनिवर्सिटी' का खिताब मिल चुका है। कुलपति ने बताया कि बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय ने परीक्षा सत्र को नियमित कर लिया है, जिससे छात्रों को समय पर डिग्री मिल रही है। यह सुधार शिक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।