Jabalpur Gold Loot Case: गया के इमामगंज में MP-बिहार STF की बड़ी कार्रवाई,14 किलो सोना लूटकांड में ज्वेलर मनोज सोनार गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुई चर्चित बैंक डकैती की जांच के सिलसिले में MP-बिहार STF की संयुक्त टीम ने इमामगंज के रानीगंज बाजार स्थित 'प्रेम ज्वैलर्स' में रेड मारी। पुलिस ने चर्चित व्यवसायी मनोज सोनार को गिरफ्तार किया है और सीसीटीवी हार्ड डिस्क जब्त
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित जबलपुर सोना लूटकांड की आँच अब बिहार के गया जिले तक पहुँच गई है। शनिवार को मध्य प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF), बिहार STF और इमामगंज पुलिस ने एक संयुक्त और बड़ा अभियान चलाते हुए इमामगंज के रानीगंज बाजार स्थित प्रतिष्ठित 'प्रेम ज्वैलर्स' में छापेमारी की। अचानक हुई इस भारी पुलिस कार्रवाई से पूरे रानीगंज बाजार में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते स्थानीय लोगों व व्यापारियों की भारी भीड़ जमा हो गई।
सीसीटीवी हार्ड डिस्क जब्त, व्यवसायी मनोज सोनार हिरासत में
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने ज्वेलरी शॉप की गहन तलाशी ली। टीम ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की हार्ड डिस्क, खरीद-बिक्री से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामग्रियां अपने कब्जे में ले लीं। इसके साथ ही दुकान संचालक व चर्चित सोना व्यवसायी मनोज सोनार को भी हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। इमामगंज के डीएसपी धीरज कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि यह कार्रवाई मध्य प्रदेश में दर्ज एक गंभीर मामले में की गई है।
जबलपुर के फाइनेंस बैंक से हुई थी 14.87 किलो सोने और नकदी की डकैती
गौरतलब है कि यह पूरा मामला 11 अगस्त 2025 को मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा थाना क्षेत्र स्थित ESAF स्मॉल फाइनेंस बैंक में हुई दिनदहाड़े डकैती से जुड़ा है। उस वक्त हथियारबंद बदमाशों ने बैंक से लगभग 14.87 किलोग्राम सोने के आभूषण और 5.7 लाख रुपये नकद लूट लिए थे। इस दुस्साहसिक वारदात ने पूरे मध्य प्रदेश में सनसनी फैला दी थी और पुलिस प्रशासन पर भारी दबाव बन गया था।
बिहार से जुड़े लूटकांड के तार, 'दास गैंग' के कई गुर्गे पहले भी गिरफ्तार
घटना के बाद से ही मध्य प्रदेश STF और स्थानीय पुलिस मामले की तह तक पहुँचने में जुटी हुई थी। जाँच के दौरान इस अंतर्राज्यीय सोना लूटकांड के तार बिहार से सीधे जुड़ते नजर आए। पुलिस के मुताबिक, अंतर्राज्यीय 'दास गैंग' के सरगना राजेश दास और उसके सहयोगियों की संलिप्तता सामने आने के बाद बिहार STF की मदद से गया जिले के अलग-अलग इलाकों से कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से 3 किलो से अधिक लूटा हुआ सोना बरामद हुआ था।
लूटा गया सोना खपाने के नेटवर्क की पड़ताल करते हुए इमामगंज पहुँची पुलिस
जाँच एजेंसियों के अनुसार, बैंक से लूटे गए भारी-भरकम सोने को देश के विभिन्न राज्यों में खपाने वाले एक संगठित सिंडिकेट की पड़ताल की जा रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश STF की टीम गया जिले के अलग-अलग हिस्सों में लगातार दबिश दे रही थी। गुरुआ, आमस और मैगरा में की गई सिलसिलेवार कार्रवाइयों के बाद जाँच की यह मजबूत कड़ी अब इमामगंज के रानीगंज बाजार तक आ पहुँची।
गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर प्रेम ज्वैलर्स पर शिकंजा
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस टीम अपने साथ पहले से गिरफ्तार एक संदिग्ध आरोपी को भी लेकर रानीगंज बाजार पहुँची थी। उसी आरोपी की कड़ी पूछताछ और निशानदेही के आधार पर प्रेम ज्वैलर्स में यह छापेमारी की गई। जाँच एजेंसियों को प्रबल आशंका है कि बैंक से लूटे गए सोने की खरीद-बिक्री या बड़े वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई अहम सुराग और साक्ष्य इस दुकान से मिल सकते हैं।
रानीगंज बाजार में दिनभर बना रहा अफरा-तफरी और कौतूहल का माहौल
प्रेम ज्वैलर्स पर STF की रेड और मनोज सोनार को हिरासत में लिए जाने की खबर जंगल में आग की तरह पूरे इलाके में फैल गई। दिनभर रानीगंज और इमामगंज के व्यापारी वर्ग में इसी कार्रवाई की चर्चा होती रही। जैसे ही पुलिस व्यवसायी को लेकर थाने के लिए निकली, उत्सुकता के चलते बड़ी संख्या में लोग इमामगंज थाने के बाहर जमा हो गए और पूरे दिन बाजार में तरह-तरह की चर्चाएं चलती रहीं।
मैगरा गांव में भी हुई थी पुलिस की छापेमारी, संदिग्ध की बाइक जब्त
इससे ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को भी मध्य प्रदेश पुलिस ने इमामगंज थाना क्षेत्र के मैगरा गांव में दबिश दी थी। पुलिस टीम वहाँ एक मुख्य संदिग्ध की तलाश में पहुँची थी, लेकिन भनक लगते ही वह भाग निकला। इस दौरान उसका भाई भी मोटरसाइकिल से भागने की कोशिश करने लगा, जिसे पुलिस ने खदेड़ा। हालाँकि, वह मैगरा बाजार के पास बाइक छोड़कर फरार होने में कामयाब रहा, जिसके बाद पुलिस ने बाइक जब्त कर ली थी।
संयुक्त जाँच जारी, पुख्ता सबूत मिलने के बाद होगा आधिकारिक खुलासा
वर्तमान में मध्य प्रदेश STF, बिहार STF और स्थानीय इमामगंज पुलिस संयुक्त रूप से इस पूरे अंतर्राज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी हैं। पुलिस अधिकारी हर छोटे-बड़े पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि लूटे गए सोने के लेन-देन में स्थानीय स्तर पर किसकी क्या भूमिका थी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पर्याप्त तकनीकी व भौतिक साक्ष्य जुटाने के बाद ही मामले का विस्तृत और आधिकारिक खुलासा किया जाएगा।
गयाजी से मनोज कुमार की रिपोर्ट