Bihar News : अनंत सिंह को जदयू से बाहर किये जाने पर बोले केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी, कहा-कार्रवाई पार्टी प्रमुख का अधिकार

Bihar News : मोकामा विधायक अनंत सिंह को जदयू से निष्कासित किए जाने पर गयाजी में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का बड़ा बयान सामने आया है.....पढ़िए आगे

कार्रवाई पार्टी का प्रमुख अधिकारी - फोटो : MANOJ

GAYAJI : मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को जनता दल यूनाइटेड से 6 साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद बिहार की सियासत में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में गयाजी पहुँचे केंद्रीय मंत्री और 'हम' के सरंक्षक जीतनराम मांझी का इस हाई-प्रोफाइल मामले पर बड़ा बयान सामने आया है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर चर्चाओं को तेज कर दिया है।

पार्टी विरोधी गतिविधियों पर कार्रवाई को बताया प्रमुख का अधिकार

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अनंत सिंह पर हुई इस सख्त कार्रवाई का समर्थन करते हुए इसे पूरी तरह से जायज़ ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई नेता या कार्यकर्ता पार्टी के खिलाफ काम करता है, तो उसके ऊपर अनुशासनात्मक कार्रवाई करना सीधे तौर पर पार्टी प्रमुख का अधिकार होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अनुशासनहीनता किसी भी दल में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

इसे तूल न देने की सलाह, बताया एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया

अपने बयान में जीतनराम मांझी ने मीडिया और राजनीतिक दलों को सलाह दी कि इस मामले को बेवजह तूल न दिया जाए। उन्होंने इसे किसी भी राजनीतिक दल के भीतर होने वाली एक सामान्य प्रक्रिया करार दिया। मांझी ने कहा कि इस पूरे प्रकरण को कोई बहुत बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर पेश करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हर पार्टी अपने आंतरिक नियमों और अनुशासन के तहत फैसले लेती है।

कार्रवाई के भविष्य के प्रभावों पर बोले केंद्रीय मंत्री

जब पत्रकारों ने केंद्रीय मंत्री से यह सवाल किया कि अनंत सिंह जैसे कद्दावर नेता को पार्टी से बाहर किए जाने का आगामी चुनावों या बिहार की सियासत पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने इस पर सधा हुआ जवाब दिया। मांझी ने कहा कि इस कार्रवाई का भविष्य में क्या और कैसा राजनीतिक असर होगा, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा। अभी इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

बिहार की राजनीति में मांझी के बयान के सियासी मायने

जीतनराम मांझी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एनडीए गठबंधन के भीतर और बाहर मोकामा के विधायक के निष्कासन को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं। एनडीए के एक प्रमुख सहयोगी दल के नेता होने के नाते मांझी का इस प्रकार खुलकर पार्टी प्रमुख के फैसले के अधिकार का समर्थन करना यह दर्शाता है कि सत्ता पक्ष इस मामले में पूरी तरह से अनुशासित और एकजुट रुख अपनाए हुए है। 

मनोज की रिपोर्ट