गया में बस परमिट में बड़ा फर्जीवाड़ा: 2019 मॉडल को बनाया 2026,चेचिस में छेड़छाड़ पर DTO पटना से जांच की मांग

औरंगाबाद-नवीनगर मार्ग के लिए बस परमिट आवंटन में 2019 मॉडल के पुराने वाहन (BS-4) के चेचिस में छेड़छाड़ कर 2026 का नया मॉडल (BS-6) दिखाने का गंभीर आरोप लगा है।शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मगध RTA ने परमिट प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है और पटना DTO को ..

मगध क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार (गया) में बस परमिट आवंटन से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। औरंगाबाद से नवीनगर रोड (मार्ग संख्या 1593) के लिए प्रकाशित समय-सारणी के खिलाफ बस स्वामी चन्द्रसेन प्रताप सिंह (वाहन संख्या BR26PA-9324) ने लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। इस गंभीर शिकायत के सामने आने के बाद परिवहन महकमे में हड़कंप मच गया है।


2019 मॉडल को 2026 में नया दिखाने का आरोप

आपत्तिकर्ता का सीधा आरोप है कि वाहन संख्या BR01PS-6795 (स्वामी- सुशीला देवी) के मालिक ने अपने पुराने वाहन BR45P-0704 के चेचिस में अवैध रूप से छेड़छाड़ की है। इसके बाद फर्जी कागजातों के आधार पर निबंधन में BS-4 श्रेणी की जगह BS-6 श्रेणी दर्शाकर नया रजिस्ट्रेशन हासिल कर लिया। आरोप के अनुसार, वर्ष 2019 के पुराने मॉडल को वर्ष 2026 का नया मॉडल दिखाने का यह एक बड़ा घालमेल है।


साक्ष्यों के साथ दर्ज कराई गई आपत्ति

शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए संदिग्ध वाहन के चेचिस की तस्वीरें भी आवेदन के साथ संलग्न की हैं। उनका कहना है कि इस तरह के कूटरचित और फर्जी दस्तावेजों के जरिए न केवल परमिट हासिल करने की कोशिश की जा रही है, बल्कि इससे सरकारी राजस्व को चूना लगाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और नियमों की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।


परिवहन प्राधिकार ने मामले को लिया गंभीरता से

मामले की गंभीरता को देखते हुए मगध क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार की 01 अक्टूबर 2026 को आयोजित बैठक में अहम फैसला लिया गया। प्राधिकार ने विवादित परमिट आवंटन के मामले को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया और जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), औरंगाबाद को उक्त वाहन के चेचिस की भौतिक व तकनीकी जांच का कड़ा निर्देश जारी किया।


DTO पटना से मांगी गई जांच रिपोर्ट

इसके पश्चात, संयुक्त आयुक्त-सह-सचिव (मगध प्रमंडल, गया) ने पत्रांक 406/RTA (दिनांक 02.10.2026) के माध्यम से DTO पटना को पत्र जारी किया है। चूंकि वाहन संख्या BR01PS-6795 का मूल निबंधन पटना कार्यालय से हुआ है, इसलिए पटना DTO से चेचिस में हुई छेड़छाड़ की बिंदुवार जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि दोषियों पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

गयाजी धीरज पराशर की रिपोर्ट