Bihar News: 31 साल बाद घर लौटा बिछड़ा बेटा, वापसी से छलक पड़े अपनों के आंसू

Bihar News: वर्ष 1995 में रहस्यमय ढंग से लापता हुए साधु शर्मा करीब 31 साल बाद अचानक अपने पैतृक घर लौट आए।...

31 साल बाद घर लौटा बिछड़ा बेटा- फोटो : reporter

Bihar News: गया जिले के वजीरगंज प्रखंड के केनार चट्टी गांव में रविवार को ऐसा भावुक कर देने वाला दृश्य देखने को मिला, जिसने पूरे गांव की आंखें नम कर दीं। वर्ष 1995 में रहस्यमय ढंग से लापता हुए साधु शर्मा करीब 31 साल बाद अचानक अपने पैतृक घर लौट आए। उनकी वापसी की खबर मिलते ही परिवार में खुशियों की लहर दौड़ गई और पूरे गांव में यह घटना चर्चा का विषय बन गई।

साधु शर्मा स्वर्गीय गनौरी ठाकुर के पुत्र हैं। वर्ष 1995 में वह अचानक घर से लापता हो गए थे। उस समय परिजनों ने रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित ठिकानों पर उनकी काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। समय बीतता गया और उम्मीदें धुंधली पड़ने लगीं, लेकिन परिवार ने कभी उनकी वापसी की आस नहीं छोड़ी।

रविवार को जब साधु शर्मा अचानक अपने घर पहुंचे तो वर्षों से बिछड़े बेटे को सामने देखकर परिजन भावुक हो उठे। मां की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े, जबकि भाई-बहनों और अन्य रिश्तेदारों ने उन्हें गले लगाकर अपना स्नेह जताया। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचने लगे।

ग्रामीणों ने इस घटना को किसी चमत्कार से कम नहीं बताया। राजकुमार प्रसाद ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि साधु शर्मा एक दिन फिर गांव लौटेंगे। अनिल प्रसाद ने कहा कि परिवार ने वर्षों तक इंतजार किया और आज वह इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। लवकुश प्रसाद ने इसे ईश्वर की कृपा बताया, जबकि सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि यह पल पूरे गांव के लिए ऐतिहासिक और भावुक करने वाला है। विक्रम कुमार ने उनकी सकुशल वापसी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ और सुखद जीवन की कामना की।

साधु शर्मा के अचानक लौटने से बड़ी बहन मीणा देवी, भाई रविंद्र शर्मा, संतोष शर्मा और जोगेंद्र शर्मा सहित भाभी देवंती देवी, भतीजे सौरभ कुमार, विक्रम कुमार, सागर कुमार, विकास कुमार, छोटू कुमार, भतीजी निभा कुमारी, प्रियंका कुमारी, भगिनी नीलम देवी तथा पड़ोसी ग्रामीण राजकुमार प्रसाद और आशीष पाल ने भी खुशी जाहिर की।

फिलहाल, 31 वर्षों तक साधु शर्मा कहां रहे और किन परिस्थितियों में परिवार से दूर रहे, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है। उनकी रहस्यमयी गुमशुदगी और अचानक वापसी पूरे इलाके में कौतूहल का विषय बनी हुई है। परिवार के लिए यह दिन तीन दशक से अधिक लंबे इंतजार के बाद मिली सबसे बड़ी सौगात बन गया है।

रिपोर्ट- मनोज कुमार