Pitrupaksha Mela 2026 : पितृपक्ष मेला में उतरे 6 बटालियन के एनसीसी कैडेट, निःस्वार्थ सेवा से श्रद्धालुओं को मिल रही राहत

Pitrupaksha Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला में 6 बिहार बटालियन एनसीसी के कैडेट विष्णुपद मंदिर, देवघाट, सीताकुंड क्षेत्र में देश-विदेश से पहुंचे पिंडदानियों एवं श्रद्धालुओं की निःस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे हैं।

पितृपक्ष मेले में उतरे कैडेट - फोटो : SOCIAL MEDIA

GAYAJI : विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला के दौरान मोक्षभूमि गयाजी में देश-विदेश से पहुंच रहे लाखों श्रद्धालुओं और पिंडदानियों की सुविधा के लिए 6 बिहार बटालियन एनसीसी के कैडेट्स दिन-रात तत्पर हैं। एनसीसी कैडेट्स विष्णुपद मंदिर परिसर, देवघाट और सीताकुंड क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की निःस्वार्थ भाव से सेवा कर रहे हैं। कैडेट्स की इस सक्रियता और सेवा भावना से गयाजी पहुंचे तीर्थयात्रियों को काफी राहत मिल रही है।

पिंडदान स्थल और आवागमन की दे रहे जानकारी

मेला क्षेत्र में तैनात एनसीसी कैडेट्स न केवल बुजुर्ग व असहाय श्रद्धालुओं की सहायता कर रहे हैं, बल्कि उन्हें पिंडदान स्थल, पूजा-पाठ की विधियों, सुगम आवागमन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के बारे में भी सही जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। भीड़भाड़ वाले संवेदनशील क्षेत्रों में कैडेट्स की मौजूदगी से मेला प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में भी बड़ी मदद मिल रही है।

कैडेट्स के लिए सेवा करना गौरव की बात: कर्नल पंकज कुमार

इस अवसर पर 6 बिहार बटालियन एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल पंकज कुमार (कीर्ति चक्र) ने कहा कि एनसीसी कैडेटों को हमेशा अनुशासन, सेवा और राष्ट्रहित की भावना के साथ कार्य करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष मेला जैसे विशाल और पवित्र धार्मिक आयोजन में देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं की सेवा करना कैडेटों के लिए अत्यंत गौरव और सौभाग्य की बात है।

निष्ठा और समर्पण के साथ जिम्मेदारी निभाने की अपील

कर्नल पंकज कुमार ने कैडेटों को पूरी निष्ठा, धैर्य और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हरसंभव सहायता प्रदान की जानी चाहिए। कमांडिंग ऑफिसर ने कैडेटों के इस अनुशासित और सराहनीय कार्य की खुलकर प्रशंसा की।

नेतृत्व और समाजसेवा की भावना होगी मजबूत

कमांडिंग ऑफिसर ने आगे कहा कि इस तरह के बड़े सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में सहभागिता करने से कैडेट्स के भीतर नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और निस्वार्थ समाजसेवा की भावना और अधिक मजबूत होती है। स्थानीय पंडा समाज, जिला प्रशासन और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी एनसीसी कैडेट्स के इस सराहनीय प्रयास और सेवा भाव की जमकर तारीफ की है।