पितृपक्ष मेला 2026: गयाजी में पिंडदान के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़, डीएम ने संभाली खुद कमान

पितृपक्ष मेला अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। गयाजी में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगातार जारी है। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने विष्णुपद मंदिर परिसर पहुंचकर खुद भीड़ प्रबंधन की कमान संभाली....

विष्णुपद मंदिर परिसर पहुंच डीएम ने खुद संभाली भीड़ प्रबंधन की कमान- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : पितृपक्ष मेला 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, लेकिन गयाजी में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगातार जारी है। मेला के 14वें दिन भी तीर्थयात्रियों ने विभिन्न वेदियों, देवघाट, गजाधर घाट और श्मशान घाट पर अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए पिंडदान एवं तर्पण किया। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुगम आवागमन के लिए विशेष चौकसी बरती जा रही है।


डीएम ने 2 घंटे तक कतारबद्ध कराई भीड़, गर्भगृह में श्रद्धालुओं से लिया सीधा फीडबैक

जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने विष्णुपद मंदिर परिसर पहुंचकर खुद भीड़ प्रबंधन की कमान संभाली। उन्होंने अधिकारियों व कर्मियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए लगभग दो घंटे तक श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कराया, ताकि किसी को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। इसके बाद उन्होंने गर्भगृह में जाकर तीर्थयात्रियों से बातचीत की और व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया, जिस पर श्रद्धालुओं ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन की सराहना करते हुए संतोष व्यक्त किया।


विभिन्न घाटों का पैदल भ्रमण और औचक निरीक्षण

विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के निरीक्षण के उपरांत डीएम ने देवघाट, गजाधर घाट, गया जी डैम और श्मशान घाट का पैदल भ्रमण कर सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रतिनियुक्त अधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति की औचक जांच की और सख्त निर्देश दिया कि अंतिम चरण में भी किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।


गया रेलवे स्टेशन पर डीएम और एसएसपी ने की संयुक्त समीक्षा

अनुष्ठान पूर्ण करने के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करने के लिए डीएम शशांक शुभंकर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री सुशील कुमार ने गया रेलवे स्टेशन के बाहरी परिसर तथा प्लेटफॉर्मों का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि ट्रेनों के आवागमन और प्रस्थान की घोषणाएं नियमित और स्पष्ट रूप से की जाएं ताकि प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ न हो। यात्रियों के लिए पेयजल और शौचालय की व्यवस्था को चौबीसों घंटे दुरुस्त रखा जाए। बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद श्रद्धालुओं के प्रति सेवाभाव और संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाए।


अगले 48 घंटों तक विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पिंडदान के बाद अधिकांश श्रद्धालु रेल मार्ग से लौटते हैं, जिससे स्टेशन पर दबाव बढ़ता है। इसलिए अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील हैं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ हाई अलर्ट पर रहने और श्रद्धालुओं की सुरक्षित व सुखद यात्रा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।


मनोज की रिपोर्ट