Bihar News : पीएम बने 'ग्राहक', विक्रम साव बना 'स्टार', गया के टनकुपा में खुशी की लहर, परिजनों की आंखों में आए खुशी के आंसू

Bihar News : गयाजी में विक्रम साव के परिजनों में ख़ुशी का माहौल है. वह रातों रात स्टार बन गया है. जबसे पीएम मोदी ने उसके दूकान पर जाकर झालमुड़ी खाया है......पढ़िए आगे

विक्रम शाव के गाँव में ख़ुशी - फोटो : MANOJ

GAYAJI : कभी गरीबी और बेरोजगारी की मार झेलने वाला बिहार के गया जिले का एक साधारण युवक आज देशभर की सुर्खियों में है। यह कहानी है टनकुपा प्रखंड के मनमाधव गांव निवासी विक्रम साव की, जिसकी जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल गई जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद उसकी छोटी सी दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंचे। पीएम मोदी ने न केवल विक्रम के हाथों से बनी झालमुरी का स्वाद लिया, बल्कि इस खास पल ने गया के इस युवक को रातों-रात अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला दी।

हैरान रह गए लोग, गांव में जश्न का माहौल

सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर जब पीएम मोदी का विक्रम साव की दुकान पर झालमुरी खाते हुए वीडियो वायरल हुआ, तो हर कोई दंग रह गया। जैसे ही यह खबर गया के मनमाधव गांव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के लोग इस बात से गर्व महसूस कर रहे हैं कि उनके गांव का एक सीधा-साधा युवक देश के सबसे ताकतवर शख्स के साथ खड़ा दिखा और प्रधानमंत्री ने उसकी मेहनत का सम्मान करते हुए खुद झालमुरी खरीदी।

गरीबी के कारण छूटी पढ़ाई, 10 साल से संघर्ष

विक्रम की यह कामयाबी एक दिन की मेहनत का नतीजा नहीं है। उनके बड़े भाई बताते हैं कि गांव में रोजगार की कमी और परिवार की आर्थिक तंगी के कारण विक्रम को नौवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। करीब 10 साल पहले वह अपने पिता उत्तम साव के साथ कोलकाता चला गया था। उसके पिता पहले से ही वहां झालमुरी बेचते थे और छोटा होने के बावजूद विक्रम ने परिवार का सहारा बनने के लिए पिता के काम की कमान संभाल ली।

तीन बहनों का इकलौता भाई बना प्रेरणा

विक्रम की चाची और परिजनों ने बताया कि वह तीन बहनों में इकलौता भाई है और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर है। टीवी पर अपने भतीजे को प्रधानमंत्री के साथ देखकर परिजन गदगद हैं। उनका कहना है कि हर किसी के लिए प्रधानमंत्री से मिल पाना संभव नहीं होता, लेकिन विक्रम की सादगी और उसकी झालमुरी के स्वाद ने यह मुमकिन कर दिखाया। बंगाल के विशाल बाजार में जहां झालमुरी को लोग बड़े चाव से खाते हैं, वहां बिहार के इस युवक ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

मेहनत और सादगी की इंटरनेशनल पहचान

यह घटना साबित करती है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और ईमानदारी से की गई मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। विक्रम साव आज उन करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है जो छोटे शहरों से निकलकर महानगरों में अपना भविष्य तलाश रहे हैं। प्रधानमंत्री का एक छोटे दुकानदार के पास पहुंचना न केवल विक्रम के लिए व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह देश के उन लाखों सूक्ष्म उद्यमियों का सम्मान है जो कड़ी मेहनत से अपनी जीविका चलाते हैं।

मनोज की रिपोर्ट