भीषण गर्मी का प्रकोप: कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की 6 छात्राएं और एक स्टाफ हीटवेव की शिकार, अनुमंडल अस्पताल में भर्ती
Bihar News : पूरा बिहार इनदिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। उमस भरी गर्मी ने अब लोगों को बीमार करना शुरु कर दिया है। आज गयाजी जिले के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में आधा दर्ज छात्राएं और एक स्टाफ हीट वेव के शिकार हो गए। जिन्हे इलाज के लिए अस्पताल मे
Gayaji : बिहार में आसमान से बरसती आग और लगातार चल रही जानलेवा लू (हीटवेव) का सीधा असर अब नौनिहालों और स्कूली बच्चों की सेहत पर पड़ने लगा है। ताजा मामला गयाजी जिले के टिकारी प्रखंड से सामने आया है, जहां मखपा स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छह छात्राएं और स्कूल की एक महिला स्टाफ अचानक भीषण गर्मी की चपेट में आ गईं। शुक्रवार की सुबह करीब 10:00 बजे अचानक एक-एक कर छात्राओं को तेज चक्कर आने लगे और वे गंभीर बेचैनी की शिकायत करने लगीं। स्कूल परिसर में इतनी बड़ी संख्या में बच्चियों की तबीयत बिगड़ते देख विद्यालय प्रशासन और शिक्षकों में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में अनुमंडल अस्पताल में कराया गया भर्ती, डॉक्टरों ने शुरू किया इलाज
स्थिति को बिगड़ता और गंभीर होते देख स्कूल प्रबंधन ने बिना वक्त गंवाए सभी प्रभावित छात्राओं और स्टाफ को तुरंत अनुमंडल अस्पताल टिकारी पहुंचाया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी का त्वरित प्राथमिक उपचार और हाइड्रेशन थेरेपी शुरू की। विद्यालय की वार्डन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में पारा लगातार चढ़ रहा है और सुबह से ही गर्म हवाएं चलने लगती हैं। इसी भीषण गर्मी और हीटवेव के सीधे एक्सपोजर के कारण बच्चियों और स्टाफ की तबीयत अचानक इतनी ज्यादा प्रभावित हुई है।
प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत अब खतरे से बाहर
अनुमंडल अस्पताल प्रशासन ने बताया कि प्राथमिक उपचार और जरूरी जीवन रक्षक दवाइयां दिए जाने के बाद सभी पीड़ितों की स्थिति में सुधार हुआ है। एहतियात के तौर पर और बेहतर रिकवरी के लिए सभी छह छात्राओं तथा स्टाफ को अस्पताल में विशेष रूप से बनाए गए वातानुकूलित 'हीटवेव वार्ड' में शिफ्ट कर दिया गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी सेहत, पल्स रेट और बॉडी टेम्परेचर की मॉनिटरिंग (चिकित्सकीय निगरानी) कर रही है। राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी की स्थिति पूरी तरह स्थिर और सामान्य बनी हुई है।
बढ़ते तापमान से आम जनजीवन बेहाल, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की सलाह
इधर, टिकारी सहित पूरे गया क्षेत्र में लगातार बढ़ते तापमान और थपेड़ों जैसी तेज लू से आम जनजीवन पूरी तरह त्रस्त हो चुका है। दोपहर के वक्त सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। मौसम वैज्ञानिकों और स्थानीय डॉक्टरों ने इस मौसम में लोगों को, खासकर कस्तूरबा जैसे आवासीय विद्यालयों और हॉस्टलों में रहने वाले बच्चों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस का घोल पीते रहें ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) की स्थिति पैदा न हो।
अभिभावकों में बढ़ी चिंता, स्कूलों में सुरक्षात्मक उपाय बढ़ाने की मांग
इस घटना के बाद से क्षेत्र के अन्य सरकारी और आवासीय विद्यालयों के बच्चों के अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता काफी बढ़ गई है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि भीषण गर्मी को देखते हुए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों सहित सभी हॉस्टलों में पेयजल, ओआरएस और कूलिंग (पंखे/कूलर) की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, शिक्षकों को भी निर्देश दिया जाए कि वे धूप के समय बच्चों को खुले मैदान में जाने से रोकें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
विक्रमादित्य की रिपोर्ट