स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने लगाया सनातनियों का महाकुंभ, कुमकुमार्चन महायज्ञ में पहुंचे हजारों श्रद्धालु

 Kumkumarchan Mahayagna

Bihar News:  नरसिंह घाट रोड स्थित शंकराचार्य मठ में देश के वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी  के संरक्षण में श्री रुद्र महायज्ञ एवं श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। उज्जैन और आसपास के इलाकों से हजारों श्रद्धालु इस महायज्ञ में पहुंचे। महायज्ञ का प्रारंभ महर्षि सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान के सचिव डॉ. विरुपक्ष जड्डीपाल, विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति डॉ. अर्पण भारद्वाज, महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिवशंकर मिश्रा तथा युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।


कुलपतियों का संकल्प 

महर्षि सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान के सचिव डॉ. विरुपक्ष जड्डीपाल ने कहा कि बहुत जल्द दिल्ली में स्वामी करपात्री जी महाराज के ग्रंथों और उनके कार्यों पर विद्यार्थियों के बीच तीन दिवसीय व्याख्यान माला आयोजित की जाएगी।  वहीं विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति और महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति प्रो. शिवशंकर मिश्रा ने भी आश्वस्त किया कि वे अपने विश्वविद्यालयों में स्वामी करपात्री जी महाराज के पाठ्यक्रम को शामिल करने के लिए प्रयास करेंगे।


महायज्ञ की विशेषताएं

कोटि अर्चन: ललिता सहस्रनाम के 1008 नामों का 1 करोड़ बार पाठ कर सिंदूर से अर्चन किया जाएगा। इसे 'सिंदूर महायज्ञ' के नाम से भी जाना जाता है। उज्जैन में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी जी द्वारा आयोजित यह 49वां महायज्ञ है। इससे पूर्व वे देशभर में 48 महायज्ञ कर चुके हैं। 2047 तक भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करना, देश की प्रगति, विश्व शांति और गरीब कल्याण।


 स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी जी ने कहा, "2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाना हर सनातनी और हर हिंदुस्तानी का उद्देश्य होना चाहिए।" उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर, उज्जैन महाकाल कॉरिडोर और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जैसे कार्यों के लिए कहा कि सनातन धर्म को मानने वाले लोग नरेंद्र मोदी के ऋणी रहेंगे।