बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, स्मार्ट क्लास में फूहड़ गानों पर छात्रों ने लगाया ठुमका, प्रधान शिक्षक बोले- 'सस्पेंड होने से डर नहीं'
Bihar News : गया जिले के वजीरगंज प्रखंड स्थित जमुआवां 10+2 विद्यालय का बताया जा रहा है, जहां विद्यालय के स्मार्ट क्लास रूम में बच्चों के कथित तौर पर फूहड़ गाने पर डांस करने का वीडियो सामने आया है......पढ़िए आगे
GAYAJI : बिहार में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की निगरानी प्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला गया जिले के वजीरगंज प्रखंड स्थित जमुआवां 10+2 विद्यालय से सामने आया है, जहां स्मार्ट क्लास रूम में बच्चों द्वारा कथित तौर पर फूहड़ और अश्लील गानों पर डांस करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के वक्त विद्यालय परिसर में एक तरफ परीक्षाएं संचालित की जा रही थीं, वहीं दूसरी तरफ आधुनिक पढ़ाई के लिए बने स्मार्ट क्लास रूम में बच्चे फिल्मी गानों पर थिरकते नजर आए। जिस स्मार्ट क्लास का उद्देश्य डिजिटल माध्यम और आधुनिक तकनीक के जरिए छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है, वहां इस तरह की गतिविधि होने से स्थानीय लोगों और अभिभावकों के बीच भारी रोष देखने को मिल रहा है।
मामले को लेकर जब मीडियाकर्मियों ने विद्यालय के प्रधान शिक्षक से उनका पक्ष जानने और सवाल करने की कोशिश की, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए कथित तौर पर कहा, “हमें सस्पेंड होने से कोई डर नहीं है।” प्रधान शिक्षक के इस बेपरवाह और असंवेदनशील बयान ने पूरे विवाद को और अधिक तूल दे दिया है, जिससे स्कूल प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग गए हैं।
प्रधान शिक्षक के इस रवैये के बाद अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या विद्यालय प्रबंधन इस पूरे मामले की गंभीरता को समझ रहा है या फिर अपनी नाकामियों और लापरवाही को छिपाने की कोशिश कर रही है। स्मार्ट क्लास की चाबियां और परिसर की निगरानी किसके जिम्मे थी, इसे लेकर भी जांच की मांग तेज हो गई है। वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों ने दोषी शिक्षकों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने और जिले भर के स्मार्ट क्लास रूम्स के सही इस्तेमाल की जांच कराने की अपील की है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस पर क्या रुख अपनाता है।
मनोज की रिपोर्ट