पुलिस के प्रभावी अभियोजन से मिली सफलता, 2018 के हत्या कांड में दो आरोपियों को आजीवन कारावास

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और प्रभावी अभियोजन से हत्या के दो आरोपियों को सजा मिली है। कोर्ट ने दोनो आरोपियों को आजीवन कारावास के साथ-साथ अर्थ दंड भी लगाया है....

हत्या के दो आरोपियों को आजीवन कारावास- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

Gayaji : जिले में अपराध नियंत्रण और जघन्य मामलों में त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में गया पुलिस और अभियोजन पक्ष को बड़ी सफलता मिली है। गया के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-16) मनोरंजनी साव की अदालत ने वर्ष 2018 के एक चर्चित हत्या कांड में सुनवाई पूरी करते हुए दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाते हुए समाज में कड़ा संदेश दिया है।


पति-पत्नी को उम्रकैद व 10-10 हजार रुपये का जुर्माना 

न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए गए अभियुक्तों में टनकुप्पा थाना क्षेत्र के निवासी राधे यादव (पिता स्वर्गीय नारायण यादव) और उनकी पत्नी कौशल्या देवी (पति राधे यादव) शामिल हैं। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोनों अभियुक्तों को उम्रकैद के साथ-साथ 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना राशि अदा न करने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।


वर्ष 2018 के टनकुप्पा थाना कांड से जुड़ा है मामला 

यह पूरा मामला गया जिले के टनकुप्पा थाना कांड संख्या 92/2018 से संबंधित है, जो 1 जुलाई 2018 को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302/34 के तहत दर्ज किया गया था। घटना के बाद से ही पुलिस की विशेष अनुसंधान टीम मामले की जांच में जुटी हुई थी। वैज्ञानिक साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने समयबद्ध तरीके से अदालत में मजबूत आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल किया था।


अपर लोक अभियोजक की प्रभावी बहस और वैज्ञानिक साक्ष्य 

मुकदमे की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक (APP) एजाज अहमद खान ने अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए ठोस वैज्ञानिक साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्टों और गवाहों के बयानों का अदालत ने गहन अवलोकन किया। अपर लोक अभियोजक की दलीलों और पुलिस द्वारा जुटाए गए अकाट्य सबूतों के सामने बचाव पक्ष के दावे टिक न सके और अदालत ने दोनों को दोषी पाया।


प्रभावी पैरवी और वैज्ञानिक अनुसंधान पर गया पुलिस का जोर 

फैसले के बाद गया पुलिस प्रशासन ने कहा कि जिले में गंभीर व जघन्य अपराधों के मामलों में वैज्ञानिक अनुसंधान, साक्ष्य संकलन और अदालतों में प्रभावी अभियोजन (Effective Prosecution) के माध्यम से अपराधियों को कठोर सजा दिलाने का अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवारों को त्वरित व न्यायसंगत इंसाफ दिलाना और कानून का राज स्थापित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मनोज की रिपोर्ट