हरिदास सेमिनरी स्कूल में शिक्षक संवाद सह सम्मान समारोह, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर हुआ मंथन

शिक्षक संवाद सह सम्मान समारोह का हुआ आयोजन- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : शहर स्थित ऐतिहासिक हरिदास सेमिनरी स्कूल के प्रेक्षागृह में शनिवार को शिक्षक संवाद सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधान पार्षद जीवन कुमार तथा अतरी विधायक रोमित कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के स्तर में व्यापक सुधार लाने तथा समाज निर्माण में जुटे शिक्षकों के योगदान की सराहना करना रहा।


गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर हुआ गहरा मंथन 

समारोह के दौरान जिले की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने में प्रधानाध्यापकों तथा शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। गुरु ही सही दिशा प्रदान कर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करते हैं।


शिक्षकों ने जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखीं समस्याएं, समाधान का मिला आश्वासन 

कार्यक्रम के तहत आयोजित संवाद सत्र में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और उनके व्यावहारिक समाधान को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। उपस्थित शिक्षकों ने अपनी सेवा संबंधी समस्याओं, प्रशासनिक कठिनाइयों तथा विद्यालयों की मूलभूत आवश्यकताओं को जनप्रतिनिधियों के समक्ष प्रमुखता से रखा। मंच पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने शिक्षकों की मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उनके उचित निस्तारण का आश्वासन दिया।


उत्कृष्ट योगदान के लिए शिक्षकों को किया गया सम्मानित, जताया गया आभार 

शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने और भावी पीढ़ी को संवारने में अहम भूमिका निभाने के लिए उपस्थित शिक्षकों को समारोह में सम्मानित किया गया। मंच से वक्ताओं ने शिक्षकों के समर्पण और निष्ठा की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा उनके प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि एक सशक्त, अनुशासित और शिक्षित समाज के निर्माण में शिक्षकों का योगदान सदैव वंदनीय रहेगा।


शिक्षा में सुधार के लिए सरकार, जनप्रतिनिधि और शिक्षकों के बीच निरंतर संवाद जरूरी समारोह के समापन पर वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि शैक्षणिक व्यवस्था में प्रभावी बदलाव और सुधार के लिए सरकार, जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों के बीच लगातार संवाद होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शिक्षकों की मूलभूत समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं होगा, तब तक विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव को पूरी तरह मजबूत नहीं किया जा सकता।

मनोज की रिपोर्ट