Bihar News : गोपालगंज में दिखी कौमी एकता की मिसाल, गौ माता के सम्मान में सड़कों पर उतरा मुस्लिम समाज, राष्ट्रीय पशु घोषित करने की उठायी मांग
Bihar News : गोपालगंज में मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोगों ने गौ माता के सम्मान में जुलूस निकाला। उन्होंने आपसी भाईचारे को मजबूत करते हुए गौ संरक्षण को लेकर सरकार के सामने अपनी मांगें बुलंद कीं।
GOPALGANJ : बिहार के गोपालगंज जिले से हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द की एक ऐसी खूबसूरत और अनूठी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहाँ मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग सनातन संस्कृति में पूजनीय गौ माता के सम्मान में स्वतः स्फूर्त होकर सड़कों पर उतरे। उन्होंने आपसी भाईचारे को मजबूत करते हुए गौ संरक्षण को लेकर सरकार के सामने अपनी मांगें बुलंद कीं।
इस खास पहल के तहत गोपालगंज में मुस्लिम समाज के लोगों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर एक विशाल जुलूस निकाला। जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए जा रहे “गौ माता का सम्मान, देश का अभिमान” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। यह जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौराहों से गुजरता हुआ स्थानीय अनुमंडल कार्यालय परिसर तक पहुंचा।
जुलूस में शामिल मुस्लिम समुदाय के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं का कहना था कि गौ माता हिंदू समाज में गहरी आस्था, पवित्रता और सम्मान का सर्वोच्च प्रतीक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश और समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द को हमेशा बनाए रखने के लिए यह बेहद जरूरी है कि जमीनी स्तर पर गौ संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए और इस दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाएं।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे मुस्लिम भाइयों ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा, “हम यहाँ किसी भी समुदाय, जाति या धर्म के खिलाफ नहीं हैं। हमारा एकमात्र उद्देश्य समाज में एकता, शांति और एक-दूसरे के प्रति आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करना है। गोपालगंज का मुस्लिम समाज हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के साथ मजबूती से खड़ा रहा है और आगे भी रहेगा।”
अनुमंडल कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से देशभर में अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों को तत्काल बंद करने, गौ माता को 'राष्ट्रीय पशु' घोषित करने और गौ संरक्षण के लिए बेहद सख्त कानून बनाने की पुरजोर मांग उठाई। जुलूस के अंत में एक प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की अपील की। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और शांति का माहौल बना रहा।
नमो नारायण की रिपोर्ट