Bihar News: नदी में बहीं एक हीं परिवार की तीन किशोरियां, डुमरिया घाट पर मातम, SDRF-NDRF का रेस्क्यू जारी, गांव में कोहराम

Bihar News: डुमरिया घाट पर गंडक नदी पार करने के दौरान एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक ही परिवार की तीन मासूम किशोरियां गहरे पानी में समा कर लापता हो गईं।

नदी में बहीं एक हीं परिवार की तीन किशोरियां- फोटो : reporter

Bihar News: गोपालगंज से इस वक्त की दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे इलाके को सदमे और गम में डुबो दिया है। महम्मदपुर थाना क्षेत्र के डुमरिया घाट पर गंडक नदी पार करने के दौरान एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें एक ही परिवार की तीन मासूम किशोरियां गहरे पानी में समा कर लापता हो गईं। घटना के बाद से गांव में चीख-पुकार, अफरा-तफरी और मातम का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक, तीनों किशोरियां अपनी अम्मी के साथ खेती-बाड़ी के काम के सिलसिले में नदी के उस पार जा रही थीं। लेकिन किसे पता था कि यह सफर जिंदगी का आखिरी मोड़ बन जाएगा। गंडक नदी का जलस्तर इन दिनों लगातार बारिश के कारण पहले से ही बढ़ा हुआ था और पानी का तेज बहाव किसी आफत से कम नहीं था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही परिवार नदी पार कर रहा था, अचानक संतुलन बिगड़ गया और तीनों किशोरियां तेज धार में बहकर गहरे पानी में चली गईं। कुछ ही पलों में वे आंखों से ओझल हो गईं। वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया, मदद के लिए दौड़े भी, लेकिन कुदरत के आगे सब बेबस नजर आया। तेज बहाव और लगातार बारिश ने राहत कार्य को भी मुश्किल बना दिया।

घटना की खबर मिलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण डुमरिया घाट पर इकट्ठा हो गए। जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया और SDRF तथा NDRF की टीमों को मौके पर रवाना किया गया। स्थानीय गोताखोरों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।

भारी बारिश, बढ़ता जलस्तर और तेज धारा रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़ी रुकावट बन रहे हैं। इसके बावजूद राहत टीमें पूरी शिद्दत और हिम्मत के साथ तलाश में जुटी हुई हैं। मौके पर महम्मदपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार भी मौजूद हैं और पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं।गांव में इस वक्त सन्नाटा और गम का माहौल है। परिजन बदहवास हैं और हर आंख में आंसू हैं। हर किसी की दुआएं अब सिर्फ एक ही उम्मीद पर टिकी हैं कि शायद कहीं से उन मासूमों का सुराग मिल जाए।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा