Bihar Road Accident : गोपालगंज में काल बनकर झोपड़ी में घुसी स्कूल बस, मलबे में दबकर दो मासूमों की हुई दर्दनाक मौत, महिला गंभीर से हुई जख्मी
GOPALGANJ : बिहार के गोपालगंज से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां एक अनियंत्रित स्कूल बस सीधे एक झोपड़ी में जा घुसी। झोपड़ी के अंदर सो रहे दो मासूम बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। पुलिस ने बस को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
यह हृदयविदारक हादसा गोपालगंज जिले के डुमरिया गांव में हुआ, जो गोपालपुर थाना क्षेत्र में आता है। शुक्रवार सुबह गांव में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं। इसी दौरान अचानक एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर एक झोपड़ी में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि झोपड़ी पूरी तरह ढह गई। झोपड़ी के अंदर उस समय दो छोटे बच्चे सो रहे थे। मलबे में दबने से दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृत बच्चों की पहचान जहीरूद्दीन के चार वर्षीय पुत्र और मुमताज के दो वर्षीय पुत्र के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के वक्त झोपड़ी में मौजूद नूरजहां खातून गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तुरंत इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुचायकोट में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कटेया थाना क्षेत्र के जमुनहा स्थित एक निजी स्कूल की यह बस गांव का ही चालक अपने घर लेकर आया था। बस को खड़ा कर वह खाना खाने चला गया। इसी दौरान उसके बड़े भाई ने बस स्टार्ट कर दी। चालक की अनुपस्थिति में बस पर नियंत्रण नहीं रह सका और वह सीधे झोपड़ी में जा घुसी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।
पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गोपालगंज भेज दिया गया है। लापरवाही को लेकर जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है। “बस अचानक आकर झोपड़ी में घुस गई बच्चों को बचाने का मौका ही नहीं मिला। प्रशासन दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे और परिवार को मुआवजा दे।”इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
नमो नारायण की रिपोर्ट