बिहार विधान सभा अध्यक्ष ने 24 हजार लंबित आश्वासनों पर जताई नाराजगी, कहा समय पर देना होगा ध्यानाकर्षण और शून्यकाल का जवाब

बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने बजट सत्र के दौरान प्राप्त विधायी सूचनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के कड़े निर्देश दिए हैं। 24 हजार लंबित आश्वासनों पर चिंता जताते हुए उन्होंने मुख्य सचिव स्तर तक पत्राचार और नोड

बिहार विधान सभा अध्यक्ष ने 24 हजार लंबित आश्वासनों पर जताई न

Patna - बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने आज अपने कार्यालय कक्ष में अष्टादश (18वीं) बिहार विधान सभा के द्वितीय सत्र के दौरान प्राप्त सूचनाओं और याचिकाओं की समीक्षा की। बैठक में संबंधित समितियों के पदाधिकारियों के साथ ध्यानाकर्षण सूचना, शून्यकाल, निवेदन और गैर सरकारी संकल्पों की प्रगति पर चर्चा की गई। बजट सत्र के दौरान कुल 1109 शून्यकाल सूचनाएं (490 ऑनलाइन और 619 ऑफलाइन) और 388 ध्यानाकर्षण सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनमें से 36 सरकारी वक्तव्य हेतु स्वीकृत की गईं。

हजारों आश्वासन लंबित, अध्यक्ष ने दिए कड़े निर्देश 

समीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि विभाग में 24 हजार से अधिक आश्वासन लंबित हैं。 इस पर गंभीर रुख अपनाते हुए माननीय अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि समितियों के साथ बैठक कर इस पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर विभागों से जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो स्मार पत्र भेजने के बाद सीधे मुख्य सचिव को पत्र प्रेषित किया जाएगा。

जवाबदेही तय करने के लिए नोडल पदाधिकारियों की होगी नियुक्ति 

विधायी कार्यों में तेजी लाने के लिए अध्यक्ष ने सभी विभागों में एक-एक नोडल पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति हेतु सभा सचिवालय को पत्राचार करने का निर्देश दिया है। ये नोडल पदाधिकारी सचिवालय के साथ समन्वय कर प्रश्न, याचिका और वित्तीय समितियों के कार्यों के अनुपालन की अद्यतन स्थिति रिपोर्ट करेंगे। इसके अलावा, याचिकाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए 12 मार्च 2026 को संसदीय कार्य विभाग के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी निर्धारित की गई है。

समितियों के संचालन में सुधार और समयबद्धता 

माननीय अध्यक्ष ने निर्देश दिया कि माननीय सदस्यों से प्राप्त निवेदनों पर विभाग को 15 दिनों के भीतर उत्तर देना होगा। उन्होंने समितियों के सभापतियों के साथ शीघ्र बैठक आयोजित करने की बात कही, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समितियां महीने में कम से कम एक बार विभागीय बैठक अवश्य करें। साथ ही, यह अपेक्षा की गई है कि इन बैठकों में विभाग के वरीयतम पदाधिकारी ही उपस्थित रहें।

पारदर्शिता और मुस्तैदी पर जोर 

बैठक के अंत में डॉ. प्रेम कुमार ने सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सजगता और मुस्तैदी के साथ काम करने का निर्देश दिया。 उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रणाली लागू होने के बाद शून्यकाल की सूचनाओं में भारी वृद्धि हुई है, इसलिए विभाग से समय पर उत्तर प्राप्त करना अनिवार्य है। सत्र की समाप्ति के बाद भी विभागों से अनुपालन की अद्यतन स्थिति प्राप्त करते रहने का आदेश दिया गया है。