जमुई डीएम ने शिक्षक बन बच्चों को पढ़ाया, मध्याह्न भोजन का लिया स्वाद; अभिभावकों से की नियमित स्कूल भेजने की अपील

जमुई डीएम ने शिक्षक बन बच्चों को पढ़ाया, मध्याह्न भोजन का लिया स्वाद- फोटो : सुमित कुमार

Jamuai : जिले में शैक्षणिक वातावरण में सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक बड़ी पहल की गई है। जिलाधिकारी नवीन के निर्देशानुसार जिले के तमाम वरीय अधिकारियों ने धरातल पर उतरकर विभिन्न विद्यालयों का गहन निरीक्षण किया। इसी क्रम में स्वयं जिलाधिकारी ने बरहट प्रखंड स्थित स्वर्गीय शुक्रदास यादव मेमोरियल राजकीय उच्च विद्यालय, आदर्श राजकीय बुनियादी विद्यालय तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय ललमटिया का औचक जायजा लिया।


पठन-पाठन और मूलभूत सुविधाओं का लिया जायजा 

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने केवल औपचारिक जांच तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने शिक्षकों एवं कर्मियों की उपस्थिति, पठन-पाठन का स्तर, पेयजल, बिजली, शौचालय तथा विद्यालय के अभिलेखों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने कक्षाओं की साफ-सफाई और विद्यालयों के समग्र वातावरण का अवलोकन किया, ताकि छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।


कक्षा में शिक्षक बन पढ़ाया पाठ, बच्चों संग खाया भोजन 

निरीक्षण के दौरान डीएम नवीन स्वयं एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने कक्षाओं में जाकर बच्चों को पढ़ाया और बेहद सरल अंदाज में उनसे संवाद स्थापित कर उनके ज्ञान के स्तर को परखा। पठन-पाठन के बाद मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता व स्वच्छता की वास्तविक जांच करने के लिए उन्होंने खुद अपने हाथों से खाना निकाला और बच्चों के साथ बैठकर भोजन का स्वाद भी लिया।


अधिकारियों को विद्यालय गोद लेने के निर्देश पर अमल 

उल्लेखनीय है कि हाल ही में आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने सभी वरीय अधिकारियों को एक-एक विद्यालय गोद लेने का निर्देश दिया था। आज का यह व्यापक निरीक्षण उसी महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को इस अभियान को और अधिक गति प्रदान करने के सख्त निर्देश दिए हैं।


अभिभावकों से अपील व जनमानस में सराहना 

डीएम नवीन ने जिले के सभी अभिभावकों से पुरजोर अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन नियमित रूप से विद्यालय अवश्य भेजें। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नवनियुक्त योग्य व प्रतिभाशाली शिक्षकों का वास्तविक लाभ बच्चों को तभी मिलेगा जब वे हर दिन स्कूल आएंगे। जिलाधिकारी की इस कार्यप्रणाली की पूरे जिले में जमकर सराहना हो रही है और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद जगी है।


सुमीत की रिपोर्ट