जमुई में कमाल! 6 घंटे के अंदर 11 लाख का चालान भरकर मालिक छुड़ा ले गया अपना ट्रक,बना चर्चा का विषय
जमुई में एक ट्रक मालिक ने ओवरलोडिंग या नियम उल्लंघन पर पकड़ाए अपने ट्रक का 11 लाख रुपये का जुर्माना महज 6 घंटे के भीतर जमा कर दिया। सुबह जब्त हुई गाड़ी को दोपहर में ही छुड़ाकर ले जाने का यह मामला क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
बिहार के जमुई जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ खनन विभाग द्वारा जब्त किए गए एक ट्रक का लाखों रुपये का जुर्माना मालिक ने महज 6 घंटे के भीतर भर दिया। सामान्य तौर पर वाहनों पर भारी जुर्माना लगने के बाद उसे छुड़ाने में लोगों को हफ्तों का समय लग जाता है, लेकिन जमुई में हुई इस त्वरित कार्रवाई और तुरंत चालान भरने की घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है।
जिला खनन कार्यालय द्वारा चालान और 10,83,200 रुपये का जुर्माना
प्राप्त चालान रसीद के अनुसार, यह कार्रवाई बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग (District Mining Office, Jamui) द्वारा की गई है। पत्थर और अन्य खनन सामग्रियों से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर ट्रक (रजिस्ट्रेशन नंबर: BR53G3666) पर कुल 10,83,200 रुपये (दस लाख तिरासी हजार दो सौ रुपये) का ई-चालान काटा गया। चालान की तिथि 07 सितंबर 2026 दर्ज है।
मात्र 6 घंटे के भीतर बैंक काउंटर पर पेनल्टी का भुगतान
खबर का सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि 7 सितंबर 2026 को दोपहर 1:06 बजे चालान जनरेट हुआ और उसके तुरंत बाद यानी 1:08 बजे भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) के काउंटर के माध्यम से इस भारी-भरकम राशि के भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। वाहन मालिक शास्त्री यादव पिता वीरेंद्र यादव, निवासी अभयपुर दुमरकोला, जमुई ने बिना समय गंवाए कुछ ही घंटों में ई-चालान का भुगतान कर दिया।
कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही वाहन को छुड़ाने की तैयारी
आमतौर पर जब चालान की रकम लाखों में होती है, तो वाहन मालिक छूट या कानूनी राहत के लिए अदालतों या अधिकारियों के चक्कर काटते हैं। लेकिन इस मामले में ट्रक मालिक ने कानूनी पचड़े में पड़ने के बजाय तुरंत 10.83 लाख रुपये जमा कर दिए। फाइन भर दिए जाने के बाद अब कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर आज ही ट्रक को छोड़ने और घर ले जाने की तैयारी की जा रही है।
सोशल मीडिया और प्रशासनिक महकमे में बनी चर्चा का विषय
एक ही दिन में गाड़ी पकड़े जाने, चालान कटने और कुछ ही घंटों के भीतर लगभग 11 लाख रुपये का जुर्माना भरकर वाहन छुड़ाने का यह मामला पूरे जिले और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आम लोगों के साथ-साथ प्रशासनिक महकमे में भी यह बात कौतूहल का विषय बनी हुई है कि इतनी बड़ी रकम का भुगतान इतनी फुर्ती से कैसे कर दिया गया।