जहानाबाद के स्कूल में पढ़ाई कम, मटन-मछली पार्टी ज्यादा! प्रधानाध्यापक पर गंभीर आरोप!

जहानाबाद जिले के परस बिगहा थाना क्षेत्र स्थित नेहालपुर प्लस टू स्कूल में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने प्रधानाध्यापक जिया उल हक पर स्कूल को “मटन और मछली पार्टी का अड्डा” बनाने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना ह

जहानाबाद : बिहार सरकार और शिक्षा विभाग  एक तरफ सरकारी विद्यालय के  शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, बिहार में शिक्षा सुधार के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए कई पहल की जा रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत सरकार के दावो का पोल खोल रही है , तजा मामला पटना से महज 50 किलोमीटर दूर  जहानाबाद जिले के परस बिगहा थाना क्षेत्र स्थित नेहालपुर प्लस टू स्कूलसे जो तस्वीर सामने आई है, उसने पूरे शिक्षा विभाग पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने स्कूल के प्रधानाध्यापक जिया उल हकपर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने स्कूल को पढ़ाई की जगह “मटन-मछली पार्टी सेंटर” बना दिया है। आरोप है कि स्कूल में बच्चों की पढ़ाई कम और शिक्षकों की दावत ज्यादा होती है। गांव वालों के मुताबिक स्कूल में 25 शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन उनमें से कुछ शिक्षक प्रधानाध्यापक के करीबी बनकर स्कूल परिसर में ही लगातार पार्टी करते हैं। प्रधानाध्याप के साथ 5 से 7 शिक्षक मिलकर आये दिन  विद्यालय में पार्टी करते है ,आरोप है कि हर सप्ताह दो से तीन बार स्कूल परिसर में ही मटन और मछली की दावत उड़ाई जाती है, जबकि बच्चों की पढ़ाई भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। 

 जिस जगह बच्चों को शिक्षा और संस्कार मिलने चाहिए, वहां दावत और मौज-मस्ती का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक ने स्कूल में अपना “गुट” बना लिया है और उसी के साथ मिलकर पूरे सिस्टम को मजाक बना दिया गया है।

जब मीडिया टीम स्कूल पहुंची तो प्रधानाध्यापक जिया उल हक कैमरे से बचते नजर आए। पहले वीडियो रिकॉर्डिंग रोकने की कोशिश की गई, फिर सवालों से बचते हुए चुप्पी साध ली गई। यह व्यवहार खुद कई सवाल खड़े करता है। अगर आरोप गलत हैं तो जवाब देने से परहेज क्यों?

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने से बचते रहे हैं। यही वजह है कि अब लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आ रहा है। लोगों ने साफ कहा है कि अगर ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी स्कूलों से जनता का भरोसा पूरी तरह खत्म हो जाएगा।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिन शिक्षकों पर बच्चों का भविष्य बनाने की जिम्मेदारी है, वही शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने में लगे हैं। सरकारी स्कूल पहले ही संसाधनों और पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर सवालों में रहते हैं, ऐसे में इस तरह की घटनाएं पूरे सिस्टम को बदनाम कर रही हैं। 

अब ग्रामीणों और अभिभावकों ने जहानाबाद की जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने कहा है कि अगर दोषियों पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने मांग की है कि:

  • प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षकों को तत्काल हटाया जाए
  • स्कूल में चल रही गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच हो
  • बच्चों की पढ़ाई की वास्तविक स्थिति की समीक्षा की जाए
  • शिक्षा विभाग की भूमिका की भी जांच हो

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या जहानाबाद प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में सख्त कदम उठाएगा, या फिर सरकारी स्कूलों में शिक्षा की जगह “मटन पार्टी” का यह खेल यूं ही चलता रहेगा?

ग्रामीणों और अभिभावकों ने बिहार शिक्षा विभाग, जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को तत्काल निलंबित किया जाए। साथ ही स्कूल में पढ़ाई की वास्तविक स्थिति की भी जांच हो ताकि बच्चों का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सके।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या शिक्षा विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर “मटन पार्टी” का यह खेल सरकारी सिस्टम की चुप्पी में चलता रहेगा?

जहानाबाद से रितेश की रिपोर्ट ....