जहानाबाद टोल बवाल: दहशत के साये में कर्मचारी, हमले के बाद टोल कलेक्शन ठप, आरोपियों की तलाश जारी

जहानाबाद के देवकूली टोल प्लाजा पर तेज रफ्तार कार ने मचाया तांडव। कर्मी को कुचला और लोहे की रॉड से हमला। पुलिस ने FIR दर्ज कर शुरू की तलाश लेकिन घटना के बाद से टोल प्लाजा के कर्मचारियों में दहशत तारी है। नतीजतन टोल प्लाजा कलेक्शन भी बाधित हो रहा है।

हानाबाद टोल बवाल: दहशत के साये में कर्मचारी, हमले के बाद टोल कलेक्शन ठप- फोटो : news 4 nation

जहानाबाद जिले के टेहटा थाना क्षेत्र स्थित देवकूली टोल प्लाजा पर बीते शनिवार (18 अप्रैल 2026) को हुई हिंसक वारदात के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। दबंगों द्वारा लोहे की रॉड और ईंट-पत्थरों से किए गए जानलेवा हमले के बाद कर्मचारियों में दहशत तारी है। इस खौफ का सीधा असर सरकारी राजस्व पर पड़ रहा है, क्योंकि डर के मारे कर्मचारी ड्यूटी से दूरी बना रहे हैं, जिससे टोल कलेक्शन पूरी तरह बाधित हो गया है। दरअसल एक तेज रफ्तार कार (नंबर BR 03 PA 1889) ने न केवल टोल के सुरक्षा उपकरणों को क्षतिग्रस्त किया, बल्कि ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ जानलेवा हमला भी किया। इस मामले में टोल प्लाजा के अकाउंटेंट द्वारा टेहटा थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। लेकिन घटना के बाद से टोल प्लाजा के कर्मचारियों में दहशत तारी है।


दहशत के साये में टोल कर्मचारी, कलेक्शन भी प्रभावित

घटना के बाद से देवकूली टोल प्लाजा के कर्मचारियों में भारी दहशत तारी है। सरेआम हुए इस जानलेवा हमले और अराजकता के कारण कर्मचारी ड्यूटी पर लौटने से कतरा रहे हैं, जिसका सीधा असर टोल प्लाजा के कलेक्शन पर पड़ा है। मारपीट और तोड़फोड़ के बाद से ही वसूली की प्रक्रिया बाधित हो रही है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं करती और उन्हें पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं की जाती, तब तक वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। फिलहाल, टोल प्रबंधन ने जिला प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की है।


खौफ के साये में कर्मचारी, काम करने से कतरा रहे कर्मी

बीते शनिवार को हुई मारपीट और कार से कुचलने की कोशिश के बाद टोल प्लाजा पर सन्नाटा पसरा है। कर्मियों का कहना है कि जिस तरह सरेआम रॉड से सिर पर वार किया गया, उससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है। नतीजतन, कर्मचारी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और टोल के बूथों पर बैठने से कतरा रहे हैं। प्रबंधन के अनुसार, जब तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक सामान्य रूप से काम शुरू करना चुनौतीपूर्ण है।


टोल कलेक्शन बाधित, राजस्व का भारी नुकसान

कर्मचारियों की अनुपस्थिति और काम रोके जाने की वजह से टोल प्लाजा कलेक्शन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रतिदिन लाखों रुपये का राजस्व देने वाले इस टोल पर अब वसूली की प्रक्रिया ठप पड़ी है। प्रबंधन ने स्थानीय प्रशासन को सूचित किया है कि अराजक तत्वों के डर से कोई भी कर्मी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। पुलिस की गश्ती बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की जा रही है।


तेज रफ्तार कार ने कर्मचारी को मारी टक्कर

शिकायत के अनुसार, शनिवार शाम करीब 4:00 बजे एक कार टोल प्लाजा पर पहुँची। आरोप है कि चालक ने कार की रफ्तार 100 किमी/घंटा कर दी और रोड पर लगे I.R. सेंसर व सीमेंट के बैरियर को तोड़ते हुए वहाँ तैनात कर्मी हरिपंत कुमार शर्मा पर गाड़ी चढ़ा दी। इस घटना में हरिपंत गंभीर रूप से घायल हो गए। टोल कर्मियों ने जब इसका विरोध किया, तो गाड़ी से चार युवक (रंजन, सुजित, राहिश और राकेश उर्फ बालाजी) उतरे और गाली-गलौज करने लगे।


लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर से जानलेवा हमला

विवाद बढ़ते ही उमराई बिगहा गांव के 10-15 अन्य लोग लोहे की रॉड, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर लेकर मौके पर पहुँच गए। पीड़ित विशाल कुमार ने बताया कि आरोपी सुजित कुमार ने जान से मारने की नीयत से उनके सिर पर लोहे की रॉड से वार किया, जो उनके कंधे पर जाकर लगा, जिससे वे बुरी तरह जख्मी हो गए। हमलावरों ने टोल प्लाजा पर जमकर उत्पात मचाया और कर्मियों को गंभीर रूप से घायल कर दिया।


पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू,दोषियों की तलाश में जुटी पुलिस 

घटना की सूचना मिलते ही टेहटा थाना की पुलिस मौके पर पहुँची, जिसे देख हमलावर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों घायल कर्मियों को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल, मखदुमपुर भेजा। आवेदन के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 319/26 दर्ज कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं (191(2), 190, 126(2), 115(2), 352, 324(5), 351(3), 109) और 134(G) के तहत मामला दर्ज किया गया है। टेहटा थाना प्रभारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए S.I. शिवजी सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा है। पुलिस टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उन पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। इस घटना के बाद टोल प्लाजा के कर्मचारियों में दहशत का माहौल है