Bihar News : नगर परिषद् भभुआ की पूर्व सभापति उर्मिला देवी की पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, सैकड़ों महिलाओं के बीच बांटी गई साड़ियां

KAIMUR : नगर परिषद भभुआ की पूर्व सभापति उर्मिला देवी की 5वीं पुण्यतिथि गुरुवार को बेहद भावुक और श्रद्धापूर्ण माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर शहर के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने उन्हें याद किया और उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। पुण्यतिथि के इस मौके को सेवा संकल्प के रूप में मनाते हुए उनके पुत्र और वर्तमान नगर परिषद सभापति विकास तिवारी उर्फ बब्लू तिवारी ने सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की।

गरीब और बुजुर्ग महिलाओं को मिला सम्मान

दिवंगत उर्मिला देवी की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान नगर के सभी वार्डों से आई सैकड़ों गरीब, महादलित और बुजुर्ग महिलाओं के बीच साड़ी का वितरण किया गया। सभापति विकास तिवारी ने स्वयं प्रत्येक महिला के पास जाकर उन्हें सम्मान स्वरूप उपहार भेंट किया। इस दौरान मौजूद महिलाओं की आंखों में पूर्व सभापति के प्रति सम्मान और उनके पुत्र के प्रति आशीर्वाद के भाव स्पष्ट नजर आ रहे थे।

श्रद्धांजलि सभा में जुटे कई दिग्गज

कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व सभापति के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस मौके पर नगर परिषद के उपसभापति शैलेंद्र कुमार सहित शहर के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि, वार्ड पार्षद और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर उर्मिला देवी को अपनी श्रद्धांजलि दी। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि उर्मिला देवी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि नगर की एक कुशल अभिभावक के रूप में लोकप्रिय थीं।

मां के सपनों को पूरा करने का संकल्प

सभापति विकास तिवारी उर्फ बब्लू तिवारी ने अपनी मां को याद करते हुए भावुक होकर कहा कि उनकी मां का एकमात्र सपना भभुआ नगर का सर्वांगीण विकास और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना था। उन्होंने संकल्प दोहराया कि वे अपनी मां के दिखाए पदचिन्हों पर चलते हुए नगर परिषद को आदर्श बनाने और गरीबों की सेवा में सदैव तत्पर रहेंगे।

सराहनीय रहा उर्मिला देवी का कार्यकाल

श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए उपसभापति शैलेंद्र कुमार ने पूर्व सभापति के कार्यकाल को भभुआ के लिए स्वर्ण काल बताया। उन्होंने कहा कि उनके समय में आम जनता की समस्याओं का समाधान त्वरित गति से होता था और वे हमेशा जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देती थीं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

देवब्रत की रिपोर्ट