Bihar News : जेल से छूटे युवक के स्वागत में शराब और डांस पार्टी का हुआ आयोजन, छापेमारी करने पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने किया पथराव, एक को लगी गोली

KAIMUR : बिहार के कैमूर जिले के कुदरा नगर पंचायत में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। विवाद तब शुरू हुआ जब वार्ड संख्या 8, कझार घाट टोला में जेल से जमानत पर छूटे एक युवक के स्वागत में चल रही कथित शराब और डांस पार्टी की सूचना पर पुलिस छापेमारी करने पहुँची। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और ग्रामीणों की ओर से पथराव व फायरिंग शुरू कर दी गई, जिसके जवाब में पुलिस को भी गोलियां चलानी पड़ीं। इस हिंसक टकराव में एक व्यक्ति को गोली लगी है, जबकि कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

घटना के विरोध में गुरुवार सुबह 6 बजे से ही सैकड़ों ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर कुदरा-भभुआ मुख्य मार्ग को बांस-बल्ला लगाकर जाम कर दिया। करीब 6 घंटे तक चले इस सड़क जाम के कारण यात्रियों और मालवाहक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप रहा। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर घरों में घुसकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट की और निजी संपत्तियों व वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। मौके पर पहुंचीं मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने लोगों को समझाते हुए कहा कि सड़क जाम समाधान नहीं है और प्रशासन विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

पुलिस प्रशासन का पक्ष रखते हुए डीएसपी प्रदीप कुमार ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल पर जानलेवा हमला किया गया था। पुलिस के अनुसार, उपद्रवियों की ओर से हुई फायरिंग के जवाब में आत्मरक्षा हेतु पुलिस को भी बल प्रयोग करना पड़ा। इस मामले में पुलिस ने अब तक 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें से 13 संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जिस व्यक्ति को गोली लगी है, उसकी स्थिति की जांच की जा रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में और किसकी गोली उसे लगी है।

ग्रामीण महिलाओं—नीलम कुमारी, तपेश्वरी कुंवर और एकता कुमारी—ने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह एकतरफा और बर्बर बताया है। उनका कहना है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को निशाना बनाया और आधी रात को घरों के दरवाजे तोड़कर महिलाओं के साथ बदसलूकी की। फिलहाल पूरे कझार घाट टोला में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग पुलिस की संभावित छापेमारी के डर से सहमे हुए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि ग्रामीण अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराते हैं, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

वर्तमान में कुदरा नगर पंचायत में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। भारी संख्या में पुलिस बल और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। एसडीएम और डीएसपी ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन इलाके में व्याप्त रोष को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में पुलिस और जनता के बीच बढ़ते टकराव और शराबबंदी कानून के कार्यान्वयन के दौरान होने वाली हिंसक वारदातों को चर्चा में ला दिया है।

ओम प्रकाश तिवारी की रिपोर्ट