कार में आग लगने के बाद खुला शराब तस्करी का राज, पुलिस के सामने ही ग्रामीण लूटने लगे शराब के पैकेट

कैमूर के मोहनिया में चलती कार में लगी आग। गाड़ी के अंदर थी शराब की पैकेटे। पकड़े जाने के डर से पानी के गड्ढे में धकेल कर भागे तस्कर....

कार में आग लगने के बाद खुला शराब तस्करी का राज- फोटो : देवव्रत

Kaimoor : बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून के दावों के बीच शराब तस्करी के नए-नए मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र अंतर्गत दसौती गांव के पास का है, जहां एक चलती कार में अचानक आग लग गई। कार में अवैध शराब की बड़ी खेप भरी हुई थी। पुलिस के हत्थे चढ़ने और पकड़े जाने के डर से घबराए तस्करों ने गाड़ी को सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में धकेल दिया और मौके से फरार हो गए।


पानी से कार निकालने के दौरान तैरने लगे 'फ्रूटी पैक' शराब के पैकेट, मची लूट 

घटना की सूचना मिलने पर मोहनिया थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से डूबी हुई कार को बाहर निकलवाने का प्रयास करने लगी। इसी दौरान कार के अंदर से भारी मात्रा में 'फ्रूटी पैक' वाले शराब के पैकेट पानी में तैरने लगे। शराब के पैकेट देखते ही मौके पर मौजूद लोगों की नीयत डोल गई और देखते ही देखते वहां शराब लूटने की होड़ मच गई।


पुलिस की मौजूदगी में पानी में कूदकर शराब समेटते नजर आए लोग, वीडियो आया सामने 

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि यह सब कुछ खाकी यानी पुलिस बल की मौजूदगी में होता रहा। कार निकालने में मदद कर रहे और तमाशबीन बने कई लोग पानी में कूद पड़े और अपने हाथों व कपड़ों में शराब के पैकेट छिपाकर भागते नजर आए। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से सामने आया है, जिसमें पुलिस के सामने हो रही इस लूट की तस्वीर साफ देखी जा सकती है।


पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बची हुई शराब की जब्त

मौके पर मौजूद पीटीसी पुलिस अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने पहुंचकर कार को बाहर निकलवाया और उससे बरामद शराब व वाहन को जब्त कर मोहनिया थाने ले आई है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, मोहनिया थानाध्यक्ष मुकेश कुमार का दावा है कि ग्रामीणों द्वारा उठाई गई शराब को बाद में वापस ले लिया गया था और कोई भी व्यक्ति शराब लेकर भागने में सफल नहीं रहा।


शराबबंदी के दावों और पुलिसिया कार्यप्रणाली पर खड़े हो रहे गंभीर सवाल 

बेशक पुलिस अधिकारियों का यह तर्क हो कि शराब वापस ले ली गई, लेकिन सामने आए वीडियो ने पुलिस के दावों की पोल खोल दी है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह प्रशासनिक मौजूदगी के बावजूद लोग कानून को ठेंगा दिखाकर शराब लूटकर ले जा रहे हैं। ऐसे में यह बड़ा सवाल उठता है कि क्या शराबबंदी का कड़ाई से पालन सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गया है और इस तस्करी के नेटवर्क का खुलासा कब हो पाएगा।


देवव्रत की रिपोर्ट