Bihar News : मोहनिया में बीस सूत्री की बैठक में जमकर हंगामा: अधिकारियों की गैरहाजिरी, आवास योजना और मनरेगा में भ्रष्टाचार पर उठे गंभीर सवाल
Bihar News : मोहनिया प्रखंड परिसर स्थित बीआरजीएफ भवन में सोमवार को आयोजित बीस सूत्री की बैठक में सरकारी योजनाओं में अनियमितता और अधिकारियों की मनमानी का मुद्दा छाया रहा।
KAIMUR : जिले के मोहनिया प्रखंड परिसर स्थित बीआरजीएफ भवन में सोमवार को विस सूत्री की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रखंड के विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति का मुद्दा छाया रहा। वहीं, उपस्थित अधिकारियों के समक्ष सरकार की ओर से संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। इस दौरान विस सूत्री सदस्यों ने योजनाओं में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल उठाए।
बीस सूत्री सदस्यों ने आरोप लगाया कि आवास योजना के सर्वे के दौरान आवास सहायकों द्वारा लाभुकों से खुलेआम पैसे लिए गए हैं। सदस्यों के अनुसार, इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन देकर शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि आवास सहायकों द्वारा शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कही जाती है।
बैठक में मनरेगा योजना में भी कथित अनियमितता का मुद्दा उठाया गया। सदस्यों का आरोप था कि कई मजदूरों को काम दिए बिना ही उनकी तस्वीरें खींचकर मजदूरी की राशि खाते में भेज दी जाती है। इसके बाद राशि की निकासी कर कमीशन लेने की बात भी कही गई। सदस्यों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। बीस सूत्री अध्यक्ष नंदन राय ने कहा कि बैठक में विभिन्न विभागों से सवाल पूछे गए, लेकिन अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बैठक में दर्ज की गई कार्यवाही पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए नियुक्त किया गया है, लेकिन कार्यों में उदासीनता बरती जा रही है।
अध्यक्ष ने सात निश्चय योजना की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रखंड की कई पंचायतों में योजना का कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। जहां कार्य पूरा हुआ है, वहां भी उसका सुचारू संचालन नहीं हो रहा है। उन्होंने नल-जल योजना की स्थिति पर भी नाराजगी जताई और कहा कि कई वार्डों में नल-जल योजना महज शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। वहीं, बैठक में उठाए गए आरोपों और सवालों को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी महेंद्र कुमार सिंह से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की और बैठक से उठकर अपने कार्यालय चले गए।
देवब्रत की रिपोर्ट