रिश्तों का कत्ल! सुपौल की महिला MVI ने सुपारी देकर ट्रेन में करवाई पति की हत्या,तीनों आरोपी गिरफ्तार
बिहार के सुपौल में पदस्थापित महिला MVI समिता कुमारी ने प्रेमी अजीत कुमार और सुपारी किलर धीरज के साथ मिलकर अपने पति देवकुमार गुंजन की जनसाधारण एक्सप्रेस में हत्या करवा दी। कटिहार रेल पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीनों आरोपी गिरफ्तार।
बिहार के रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है। दरअसल रेल पुलिस कटिहार ने जनसाधारण एक्सप्रेस में हुए सनसनीखेज हत्याकांड का सफल उद्भेदन करते हुए एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, सुपौल में पदस्थापित महिला मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) समिता कुमारी ने अपने प्रेमी अजीत कुमार और एक पेशेवर शूटर के साथ मिलकर अपने ही पति देवकुमार गुंजन की हत्या करवाई थी। कटिहार रेल पुलिस और एसटीएफ (STF) की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता पत्नी, उसके प्रेमी और सुपारी किलर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मृतक देवकुमार जमुई में विद्युतकर्मी के पद पर तैनात थे।
ट्रेन के सफर के दौरान वारदात को दिया गया अंजाम
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, यह वारदात 11 जून 2026 को घटित हुई थी। विद्युतकर्मी देवकुमार गुंजन जनसाधारण एक्सप्रेस ट्रेन से अपनी MVI पत्नी समिता कुमारी से मिलने के लिए सुपौल जा रहे थे। इसी दौरान, मानसी रेल थाना क्षेत्र के बदलाघाट के नजदीक घात लगाए अपराधियों ने चलती ट्रेन में देवकुमार को गोली मारकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया। घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस मामले में मानसी रेल थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
अवैध संबंधों के चलते रास्ते से हटाया गया पति
मामले के खुलासे के लिए गठित एसआईटी (SIT) द्वारा जब तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान शुरू किया गया, तो कड़ियां आपस में जुड़ती चली गईं। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार प्रेमी अजीत कुमार ने कबूला कि उसके और महिला MVI समिता कुमारी के बीच काफी समय से प्रेम संबंध चल रहे थे। इस अवैध रिश्ते में पति देवकुमार गुंजन लगातार बाधा बन रहे थे। पति को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने के लिए समिता और अजीत ने एक सुनियोजित साजिश रची। इसके बाद जहानाबाद के रहने वाले शातिर अपराधी राजू कुमार उर्फ धीरज को भारी-भरकम रकम की सुपारी देकर ट्रेन में इस वारदात को अंजाम दिलवाया गया।
आरोपियों से डिजिटल सबूत बरामद, स्पीडी ट्रायल की तैयारी
पुलिस की छापेमारी में गिरफ्तार तीनों आरोपियों के पास से घटना के समय इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद कर लिए गए हैं, जो तकनीकी साक्ष्य के रूप में बेहद अहम हैं। गिरफ्तार शूटर राजू कुमार उर्फ धीरज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी जहानाबाद के घोसी थाने से आर्म्स एक्ट के मामले में जेल जा चुका है तथा वर्तमान में जमानत पर बाहर था। रेल पुलिस अधीक्षक के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड में शामिल अन्य फरार अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है, और जल्द ही सभी साक्ष्यों के साथ इस मामले का स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) कराकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
रिपोर्ट - धीरज पराशर