Bihar News : कटिहार में 1.71 करोड़ के साइबर खेल का पर्दाफाश, बैंक मैनेजर और CA सहित 6 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
Bihar News : कटिहार में 1.71 करोड़ के साइबर फ्रॉड का पुलिस ने खुलासा किया है. जहाँ बैंक मैनेजर और सीए के साथ 6 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.......पढ़िए आगे
KATIHAR : कटिहार साइबर पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार-2' के तहत एक बड़ी अंतरराज्यीय कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक निजी बैंक के प्रबंधक और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) समेत कुल 6 जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इन पर साइबर धोखाधड़ी के जरिए लगभग 01 करोड़ 71 लाख 93 हजार रुपये के हेरफेर का गंभीर आरोप है। यह कार्रवाई वित्तीय सुरक्षा की दृष्टि से जिले में अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है।
साइबर डीएसपी रामकृष्ण कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जांच के दौरान कटिहार में ऐसे 26 संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया गया था, जिनमें पिछले एक महीने के भीतर करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन पाया गया। इन खातों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि इनका उपयोग अवैध धन को ठिकाने लगाने के लिए किया जा रहा था। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाया और इस गिरोह के मुख्य मोहरों तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की।
गिरफ्तार अभियुक्तों में एक निजी बैंक के प्रबंधक कौशल झा और चार्टर्ड अकाउंटेंट निशांत अग्रवाल शामिल हैं। इन पेशेवरों की संलिप्तता ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है, क्योंकि इन्होंने बैंकिंग प्रणाली की बारीकियों का फायदा उठाकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। इनके साथ गिरोह के चार अन्य सदस्यों को भी दबोचा गया है, जो फर्जी खाते खुलवाने और पैसों के ट्रांजेक्शन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। पुलिस इनसे गहन पूछताछ कर रही है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले के तार केवल कटिहार तक ही सीमित नहीं हैं। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के खिलाफ देश के अन्य सात राज्यों में भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज है और वहां की पुलिस भी इनकी तलाश कर रही थी। साइबर डीएसपी के अनुसार, यह एक संगठित गिरोह है जो देशभर में भोले-भाले लोगों और वित्तीय संस्थानों को अपना निशाना बना रहा था। इस गिरफ्तारी से कई अन्य बड़े मामलों के सुलझने की उम्मीद है।
पुलिस अब इन 26 चिन्हित खातों के माध्यम से हुए पूरे पैसे के प्रवाह (Money Trail) की जांच कर रही है ताकि फ्रॉड की गई राशि को फ्रीज और रिकवर किया जा सके। 'ऑपरेशन प्रहार-2' के तहत हुई इस कार्रवाई ने बैंकिंग सेक्टर में बैठे काली भेड़ की पोल खोल दी है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी तुरंत साइबर सेल को दें ताकि समय रहते ऐसे बड़े घोटालों को रोका जा सके।
श्याम की रिपोर्ट