कटिहार में प्रशासन का महा-अभियान: महंत नगर में चले 10 बुलडोजर, 8 एकड़ से अधिक अतिक्रमित जमीन कराई गई खाली

Bihar News : सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश के बाद नगर थाना क्षेत्र के महंत नगर में प्रशासन ने अबतक की सबसे बड़ी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई को अंजाम दिया है। वर्षों से इस जमीन पर बसे लोगों के आशियाने देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गए...

कटिहार में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का महा-अभियान- फोटो : श्याम

Katihar : नगर थाना क्षेत्र के महंत नगर में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई को अंजाम दिया है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश के बाद प्रशासनिक अमला पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंचा। वर्षों से इस जमीन पर बसे लोगों के आशियाने देखते ही देखते मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। कोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए प्रशासन ने इस पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर बुलडोजर अभियान चलाया।


10 बड़े बुलडोजरों और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम

इस कार्रवाई को अमली जामा पहनाने के लिए प्रशासनिक टीम करीब 10 बड़े बुलडोजरों और भारी संख्या में पुलिस बल के साथ महंत नगर पहुंची। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विवादित 8 एकड़ 56 डिसमिल जमीन को पूरी तरह से खाली करा लिया। बताया जा रहा है कि इस जमीन को लेकर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही थी, जिसमें आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।


इलाके में मची अफरा-तफरी

यह पूरी कार्रवाई जमीन विवाद मामले में महंत मदन कुमार दास के पक्ष में देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) का फैसला आने के बाद की गई है। जैसे ही रविवार को प्रशासन के बुलडोजर इलाके में दाखिल हुए और जमींदोज करने की प्रक्रिया शुरू हुई, पूरे महंत नगर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। वर्षों से रह रहे स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया, लेकिन कानून के आगे उनकी एक न चली।


अदालती आदेश के बाद रो पड़े लोग,

अपने जीवनभर की कमाई से बनाए गए आशियानों को अपनी आंखों के सामने टूटता देख कई परिवार फूट-फूटकर रो पड़े। बेघर हुए लोगों का कहना था कि उन्हें संभलने और अपना सामान सही तरीके से हटाने तक का पर्याप्त समय नहीं मिला। इस दौरान अपने घरों को बचाने के लिए बेबस लोग बुलडोजरों के सामने खड़े हो गए, जिससे स्थिति काफी संवेदनशील हो गई।


पुलिस और जनता के बीच तीखी नोकझोंकतनाव के बीच भारी बल तैनात

कार्रवाई के दौरान माहौल उस समय और ज्यादा गरमा गया जब स्थानीय निवासियों और पुलिस प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। आक्रोशित भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालात को बिगड़ते और लोगों के बढ़ते गुस्से को भांपते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल और रैपिड एक्शन जैसी टीमों को तैनात कर दिया।


स्थानीय लोगों के भारी विरोध और हंगामे के बावजूद प्रशासनिक अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अपनी कार्रवाई पर डटे रहे। अधिकारियों का साफ कहना था कि वे केवल न्यायालय के आदेश का पालन कर रहे हैं और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा सकती। घंटों चले इस तनावपूर्ण और हाई-वोल्टेज अभियान के बाद आखिरकार प्रशासन पूरी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने में सफल रहा। फिलहाल, इलाके में दबी हुई नाराजगी और तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात रखा गया है।


कटिहार से श्याम