कटिहार सदर अस्पताल में दवा घोटाला का बड़ा खुलासा, स्टॉक में हेराफेरी, DM का सख्त एक्शन, FIR के आदेश

Bihar News: सदर अस्पताल में दवा वितरण के नाम पर ऐसा गड़बड़झाला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

सरकारी दवा में हेराफेरी!- फोटो : reporter

Bihar News: कटिहार से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मरीजों के हक की दवाओं पर हेराफेरी का खेल उजागर हुआ है। सदर अस्पताल में दवा वितरण के नाम पर ऐसा गड़बड़झाला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य महकमे की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

मामला तब गरमाया जब जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने हाल ही में अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान दवा वितरण के ऑनलाइन रजिस्टर्ड पोर्टल और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। यानी कागजों में कुछ और, जमीनी हकीकत कुछ और और यही गोलमाल पूरे सिस्टम की पोल खोल गया।

प्रारंभिक तहकीकात में साफ हुआ कि सरकारी दवाओं की बड़ी मात्रा में गड़बड़ी की गई है। शक की सुई फार्मासिस्ट समेत कई कर्मचारियों की भूमिका पर भी घूम रही है। इसके बाद डीएम ने बिना देर किए सख्त रुख अपनाते हुए पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि संबंधित जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए।

इतना ही नहीं, अब यह जांच का दायरा सिर्फ सदर अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगा। डीएम ने सभी प्रखंड और अनुमंडलीय अस्पतालों में भेजी गई दवाओं की भी गहन जांच कराने का फरमान जारी किया है, ताकि कहीं और भी इस तरह का खेल तो नहीं चल रहा इसकी सच्चाई सामने आ सके।

फिलहाल, यह पूरा मामला दवा घोटाले के शक के घेरे में है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि आखिर मरीजों तक पहुंचने वाली दवाओं में किस स्तर पर और किसने हाथ साफ किया। लेकिन इतना तय है कि इस खुलासे ने जिले में हड़कंप मचा दिया है और अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि आखिर इस दवा के खेल का असली मास्टरमाइंड कौन है।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह