कटिहार-साहिबगंज जलमार्ग ठप: निविदा के चक्कर में थमी गंगा की लहरों पर नावों की रफ्तार, मनिहारी गंगा घाट पर पसरा सन्नाटा
कटिहार के मनिहारी गंगा घाट पर फेरी सेवा और नावों का परिचालन बंद। बिहार-झारखंड संपर्क टूटा। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने निविदा प्रक्रिया के बाद जल्द सेवा बहाली का दिया आश्वासन।
Katihar - बिहार के कटिहार जिले को झारखंड के साहिबगंज से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण जलमार्ग अचानक बंद हो जाने से हजारों यात्रियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मनिहारी गंगा घाट से चलने वाले बड़े एलसीडी (LCD) जहाजों के साथ-साथ छोटी नावों का परिचालन भी पूरी तरह ठप कर दिया गया है। सरकारी आदेश के बाद रातों-रात थमी इस रफ्तार ने न केवल दो राज्यों के बीच के संपर्क को तोड़ा है, बल्कि स्थानीय दियारा क्षेत्र के लोगों की दैनिक जिंदगी को भी पटरी से उतार दिया है।
दियारा क्षेत्र के लोगों पर दोहरी मार
मनिहारी गंगा घाट से जुड़े दियारा इलाकों के लिए ये नावें ही शहर तक पहुँचने का एकमात्र साधन थीं। रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपनी खेती-बारी, दूध की सप्लाई और अन्य मजदूरी के कार्यों के लिए छोटी नावों के सहारे मनिहारी आते थे। परिचालन बंद होने से अब उनके पास न तो बाजार तक पहुँचने का रास्ता बचा है और न ही आपातकालीन स्थिति में अस्पताल जाने का विकल्प। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलमार्ग कम समय और कम खर्च में सफर का बेहतरीन जरिया था, जो अब पूरी तरह बंद है।
रजिस्ट्रेशन और निविदा का फंसा पेंच
जानकारी के अनुसार, घाट के संचालन और नावों के रजिस्ट्रेशन से जुड़ी कुछ तकनीकी और कानूनी अड़चनों के कारण प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। यात्रियों और नाविकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यात्री बबली देवी ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि निजी कार्यों और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए इस मार्ग पर निर्भरता बहुत अधिक है, और अचानक बंद होने से लोग घाट पर भटकने को मजबूर हैं।
डीएम आशुतोष द्विवेदी का आश्वासन: दोबारा निकलेगी निविदा
पूरे मामले पर कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि घाट की निविदा (Tender) को लेकर कुछ परेशानियां सामने आई थीं, जिसके कारण परिचालन रोकना पड़ा। डीएम ने कहा, "नियमानुसार दोबारा निविदा निकाली जा रही है। यदि इस पर समाधान नहीं निकला, तो प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है।" उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि छोटे नावों को व्यवस्थित कर जल्द से जल्द परिचालन शुरू कराने के लिए गंभीरता से काम किया जा रहा है।
जल्द शुरू हो सकता है आवागमन
जिला प्रशासन के आश्वासन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ दिनों में इस जलमार्ग पर दोबारा रौनक लौटेगी। हालांकि, तब तक यात्रियों को लंबी दूरी तय कर सड़क मार्ग का सहारा लेना होगा, जो काफी खर्चीला और समय लेने वाला है। स्थानीय लोगों की मांग है कि जब तक निविदा की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक वैकल्पिक तौर पर छोटी नावों को चलने की अनुमति दी जाए ताकि दैनिक जीवन बाधित न हो।
Report - shayam