मखाना हब से वैल्यू एडिशन की नई उड़ान! 15 अगस्त पर सरकारी दफ्तरों में परोसी जाएगी मखाना जलेबी, महिला समूह की अनोखी पहल

Bihar Makhana Jalebi: स्वतंत्रता दिवस पर इस बार बिहार के कटिहार में मिठास का अंदाज कुछ अलग होगा। ....

15 अगस्त पर सरकारी दफ्तरों में परोसी जाएगी मखाना जलेबी- फोटो : reporter

Bihar Makhana Jalebi: स्वतंत्रता दिवस पर इस बार बिहार के कटिहार में मिठास का अंदाज कुछ अलग होगा। राष्ट्रीय मिठाई के रूप में पहचान रखने वाली जलेबी में अब मखाने का जायका घोलने की अनोखी पहल की जा रही है। 15 अगस्त के मौके पर जिले के सरकारी कार्यालयों में लोगों को मखाने से तैयार जलेबी परोसने की तैयारी चल रही है। इसके पीछे मकसद सिर्फ स्वाद में नया प्रयोग करना नहीं, बल्कि कटिहार के मखाना उत्पाद को वैल्यू एडेड प्रोडक्ट के रूप में बाजार तक पहुंचाना भी है।

कटिहार का हसनगंज प्रखंड क्षेत्र, खासकर पिपरा, मखाना उत्पादन से जुड़े इलाकों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन के सहयोग से महिला समूह से जुड़ी महिलाएं मखाने से बनने वाली जलेबी तैयार करने में जुटी हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस खास मिठाई को सरकारी कार्यालयों तक पहुंचाने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है।

मखाना अब सिर्फ भूनकर खाने तक सीमित नहीं

मखाना बिहार की पहचान बनने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा भी बन रहा है। लेकिन कच्चे मखाने के बजाय उससे अलग-अलग खाद्य उत्पाद तैयार कर वैल्यू एडिशन करने से किसानों और उत्पादकों को बेहतर बाजार मिल सकता है। इसी सोच के साथ मखाना जलेबी का प्रयोग किया जा रहा है।महिला समूह द्वारा तैयार की जा रही इस जलेबी में पारंपरिक मिठाई का स्वाद और मखाने की स्थानीय पहचान का अनूठा मेल देखने को मिलेगा। प्रशासन की कोशिश है कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में जब लोग इसका स्वाद लें, तो उन्हें मखाने से बनने वाले नए उत्पादों की संभावनाओं की जानकारी भी मिले।

महिलाओं के हाथों में स्वाद के साथ रोजगार की उम्मीद

इस पहल का एक अहम पहलू महिला समूहों की भागीदारी भी है। स्थानीय स्तर पर मखाने से नए खाद्य उत्पाद तैयार होने से महिला समूहों के लिए स्वरोजगार और आय के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। यदि मखाना जलेबी लोगों को पसंद आती है और इसका बाजार विकसित होता है, तो आने वाले दिनों में इससे जुड़े दूसरे वैल्यू एडेड उत्पादों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

15 अगस्त को सरकारी कार्यालयों में मखाना जलेबी परोसने की योजना को इसी व्यापक उद्देश्य से जोड़कर देखा जा रहा है। यानी इस बार कटिहार में आजादी के जश्न के साथ स्थानीय उत्पाद की मिठास और महिला उद्यमिता का स्वाद भी लोगों तक पहुंचेगा। मकसद साफ है कटिहार के मखाने को सिर्फ एक कच्चे उत्पाद के तौर पर नहीं, बल्कि नए स्वाद, नए उत्पाद और नए बाजार की पहचान बनाना।

रिपोर्ट- श्याम कुमार सिंह