बेगूसराय सड़क हादसे के शिकार दरोगा ज्ञानेंद्र अमरेंद्र का शव पहुंचा कटिहार, पूरे राजकीय सम्मान के साथ मनिहारी घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

बेगूसराय में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दरोगा ज्ञानेंद्र अमरेंद्र का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कटिहार जिले के मनिहारी अंतर्गत आजमपुर गोला पहुंचने पर पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई

बेगूसराय सड़क हादसे के शिकार दरोगा ज्ञानेंद्र अमरेंद्र के अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब- फोटो : श्याम

Katihar : बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में गुरुवार की देर रात एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क दुर्घटना में कटिहार निवासी बिहार पुलिस के वर्ष 2009 बैच के कर्तव्यनिष्ठ दरोगा (SI) ज्ञानेंद्र अमरेंद्र (48 वर्ष) समेत चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। दरोगा ज्ञानेंद्र पटना में आयोजित एक प्रशिक्षण कार्यक्रम (ट्रेनिंग) में शामिल होकर अपने दो पुलिसकर्मी साथियों और एक निजी चालक के साथ वापस लौट रहे थे, तभी साहेबपुर कमाल इलाके में उनकी तेज रफ्तार गाड़ी अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और चारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।


पैतृक गांव पहुंचते ही मचा कोहराम

दिवंगत दरोगा ज्ञानेंद्र अमरेंद्र मूल रूप से कटिहार जिले के मनिहारी प्रखंड अंतर्गत आजमपुर गोला स्थित धम्मक टोला (वार्ड संख्या-09) के निवासी थे। शुक्रवार को जैसे ही उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक आवास पर पहुंचा, वैसे ही पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसर गया। दरोगा के वृद्ध पिता योगेंद्र यादव, माता कौशल्या देवी और पत्नी अनीमा कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल था, जिन्हें ढांढस बंधाने के लिए चचेरे भाई अधिवक्ता पुरुषोत्तम कुमार सहित परिवार के अन्य लोग जुटे हुए थे। अपने चहेते और जांबाज पुलिस अधिकारी के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक उनके दरवाजे पर उमड़ पड़े।


मनिहारी गंगा घाट पर मिला 'गार्ड ऑफ ऑनर'

शोक संतप्त माहौल के बीच दिवंगत दरोगा के पैतृक आवास से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में स्थानीय लोगों और पुलिस महकमे के जवानों ने हिस्सा लिया। मनिहारी गंगा घाट पर जिला प्रशासन और बिहार पुलिस की ओर से उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस भावुक क्षण के दौरान पुलिस के जवानों द्वारा 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया, शस्त्र झुकाकर शोक सलामी दी गई और वरिष्ठ अधिकारियों ने पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

शोक की इस घड़ी में दिवंगत पुलिस अधिकारी को नमन करने और उनके पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए मनिहारी गंगा घाट पर कई प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य लोग पहुंचे। इनमें मुख्य रूप से मनिहारी एसडीपीओ विनोद कुमार, अंचल पुलिस निरीक्षक (CI) पप्पू कुमार, मनिहारी थानाध्यक्ष संतोष कुमार झा, सांसद प्रतिनिधि सुनील यादव, मुख्य पार्षद राजेश कुमार उर्फ लाखो यादव और गोपाल यादव सहित बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी एवं विभिन्न राजनैतिक दलों के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


पुलिस विभाग में शोक, दुर्घटना की जांच शुरू

इस हृदयविदारक हादसे के बाद बिहार पुलिस एसोसिएशन और पूरे पुलिस महकमे में गहरे शोक की लहर है। एक होनहार और अनुभवी अधिकारी को असमय खोने से हर कोई स्तब्ध है। इधर, बेगूसराय पुलिस ने दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और फॉरेंसिक पहलुओं के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर यह हादसा किस वाहन से टकराने के कारण या किस वजह से हुआ। स्थानीय लोगों ने दिवंगत दरोगा ज्ञानेंद्र अमरेंद्र की कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए भगवान से उनके शोक संतप्त परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।


श्याम की रिपोर्ट