Bihar Road Accident: सावन की सोमवारी पर सड़क पर मौत का तांडव, खगड़िया में 3 कांवड़ियों की दर्दनाक मौत, परबत्ता में भी हादसा, कई श्रद्धालु घायल

Bihar Road Accident: सावन की तीसरी सोमवारी पर जब खगड़िया की सड़कों पर बोल-बम के जयकारे गूंज रहे थे, उसी वक्त सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। ...

सावन की सोमवारी पर सड़क पर मौत का तांडव- फोटो : reporter

Bihar Road Accident: सावन की तीसरी सोमवारी पर जब खगड़िया की सड़कों पर बोल-बम के जयकारे गूंज रहे थे, उसी वक्त सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच जिले में अलग-अलग जगह हुए सड़क हादसों में तीन कांवड़ियों की मौत हो गई, जबकि कई श्रद्धालुओं के घायल होने की सूचना है। लगातार हो रहे हादसों ने कांवड़िया मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे दर्दनाक हादसा रविवार देर रात बेलदौर थाना क्षेत्र के एनएच-107 पर उसराहा गांव के समीप हुआ। यहां दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में तीन कांवड़ियों की जान चली गई।बताया जा रहा है कि तीनों मृतक डाक सेवा में लगे थे और बाइक से श्रद्धालुओं को डाक सेवा उपलब्ध कराने के लिए जा रहे थे। मृतकों की पहचान सकरोहर पंचायत के पिपरा बासा, वार्ड नंबर-13 निवासी नीरज कुमार, पंकज सिंह के पुत्र नीतीश कुमार तथा बेलदौर नगर पंचायत के वार्ड नंबर-8 निवासी करीब 30 वर्षीय रुपेश कुमार उर्फ काजू के रूप में हुई है।प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार दोनों बाइकों की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और वार्ड सदस्य सोनू कुमार की मदद से घायलों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजने की कोशिश की गई।लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। बताया गया कि नीरज कुमार ने एंबुलेंस में चढ़ाते समय ही दम तोड़ दिया। वहीं नीतीश कुमार की करुआ मोड़ के पास मौत हो गई। रुपेश कुमार उर्फ काजू को महेशखूंट तक ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उसने भी दम तोड़ दिया।तीनों मौतों के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। शवों का पोस्टमार्टम खगड़िया सदर अस्पताल में कराया जा रहा है।

खगड़िया जिले में हादसों का सिलसिला यहीं नहीं रुका। परबत्ता थाना क्षेत्र के सिराजपुर भगवती मंदिर के समीप भी बाइक दुर्घटना में एक कांवड़िया गंभीर रूप से घायल हो गया।बताया जा रहा है कि कांवड़िया अगुवानी गंगा घाट से जल लेकर बाबा धाम की ओर जा रहा था। इसी दौरान उसकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घायल कांवड़िए की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है।स्थानीय लोगों ने घायल को तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, परबत्ता पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए खगड़िया रेफर कर दिया।

सावन की तीसरी सोमवारी को लेकर खगड़िया के अलग-अलग मार्गों पर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। अगुवानी गंगा घाट से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगाजल लेकर बाबा धाम की ओर रवाना हो रहे हैं।भक्ति और आस्था के इस सफर के बीच सड़क हादसों की लगातार सामने आ रही खबरों ने चिंता बढ़ा दी है। भारी भीड़, तेज रफ्तार बाइक, वाहनों की आवाजाही और लंबी दूरी तय करने वाले श्रद्धालुओं के कारण कांवड़िया मार्ग पर जोखिम बढ़ जाता है।ऐसे में सवाल उठता है कि क्या संवेदनशील मार्गों पर ट्रैफिक नियंत्रण, वाहन जांच, स्पीड मॉनिटरिंग, मेडिकल सहायता और पुलिस गश्त पर्याप्त है? खासकर सावन की सोमवारी जैसे बड़े धार्मिक अवसर पर जब हजारों श्रद्धालु एक साथ सड़कों पर निकलते हैं, तब सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की जरूरत होती है।एक तरफ श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दरबार तक पहुंचने के लिए आस्था के साथ कदम बढ़ा रहे हैं, वहीं सड़क पर हुई इन दुर्घटनाओं ने कई परिवारों को हमेशा के लिए गहरे जख्म दे दिए हैं। डाक सेवा में लगे तीन कांवड़ियों की मौत ने इस यात्रा की सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी दे दी है।

रिपोर्ट- अमित कुमार