Bihar News : मधुबनी में अवैध लॉटरी पर चला प्रशासन का हंटर, डीएम ने दिए जाँच के आदेश, माफियाओं में मचा हड़कंप
Bihar News : मधुबनी में अवैध लॉटरी के धंधे पर प्रशासन ने शिकंजा कसा है. इस मामले का डीएम ने जांच का आदेश दिया है..........पढ़िए आगे
MADHUBANI : जिले में प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों की अवैध बिक्री की खबरों को मधुबनी जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी (डीएम) ने मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लेते हुए इस काले कारोबार पर लगाम लगाने के लिए सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से अवैध धंधे में संलिप्त माफियाओं और बिचौलियों के बीच हड़कंप मच गया है।
अधिकारियों को छापेमारी और जाँच के निर्देश
लॉटरी के अवैध जाल को ध्वस्त करने के लिए जिलाधिकारी ने जिले के सभी अनुमंडलों में तैनात अनुमंडल अधिकारियों (SDO) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) को विशेष आदेश जारी किए हैं। उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में सघन जाँच अभियान चलाने और लॉटरी टिकटों की खरीद-बिक्री में लगे नेटवर्क का पता लगाकर तत्काल कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।
मीडिया की खबर का हुआ बड़ा असर
गौरतलब है कि बीते सोमवार को विभिन्न समाचार माध्यमों ने मधुबनी जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बेची जा रही लॉटरी की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचारों में इस बात को रेखांकित किया गया था कि किस तरह नियमों को ताक पर रखकर यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है, जिससे गरीब जनता अपनी मेहनत की कमाई गंवा रही है।
गरीबों की कंगाली और माफियाओं की चांदी
प्रकाशित खबरों में बताया गया था कि लॉटरी के इस जाल में फंसकर जिले के गरीब तबके के लोग और अधिक कंगाल होते जा रहे हैं, जबकि इस सिंडिकेट को चलाने वाले माफिया रातों-रात मालामाल हो रहे हैं। सामाजिक स्तर पर भी इस अवैध कारोबार के कारण परिवारों में आर्थिक संकट गहरा रहा था, जिसे देखते हुए प्रशासन ने अब दोषियों की पहचान कर जेल भेजने की तैयारी कर ली है।
होगी सख्त कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित लॉटरी की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम के आदेश के बाद अब पुलिस टीम संदिग्ध ठिकानों पर नजर रख रही है। प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे अवैध प्रलोभनों से बचें और यदि कहीं भी लॉटरी की बिक्री हो रही हो, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें।