BENGAL ELECTION : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का साइड इफेक्ट ! पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली की सुरक्षा में हुई कटौती, 'Z' कैटेगरी से घटाकर की गई 'Y' श्रेणी

BENGAL ELECTION : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान गांगुली की सुरक्षा को जेड कैटेगरी से घटाकर वाई कैटेगरी का दिया गया है.....पढ़िए आगे

BENGAL ELECTION : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का साइड इफ
सौरव गांगुली की सुरक्षा में कटौती- फोटो : SOCIAL MEDIA

N4N DESK : पश्चिम बंगाल की सियासत में हुए हालिया सत्ता परिवर्तन का सीधा असर अब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी सौरव गांगुली की सुरक्षा पर भी देखने को मिला है। राज्य की नवनिर्वाचित शुभेंदु सरकार ने प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के बाद गांगुली की सुरक्षा श्रेणी को 'जेड' (Z) कैटेगरी से घटाकर 'वाई' (Y) कैटेगरी का कर दिया है। गौरतलब है कि बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद केवल गांगुली ही नहीं, बल्कि कई अन्य पूर्व मंत्रियों, नेताओं और सांसदों की सुरक्षा में भी बड़े पैमाने पर कटौती की गई है, जिसे लेकर प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज है।

प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2023 तक सौरव गांगुली को 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा ही प्राप्त थी, लेकिन तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार ने वीआईपी सुरक्षा की समीक्षा के बाद उनकी सुरक्षा का दायरा बढ़ाते हुए उसे 'जेड' कैटेगरी में तब्दील कर दिया था। अब राज्य में सत्ता बदलते ही सुरक्षा एजेंसियों द्वारा विभिन्न प्रमुख हस्तियों को उपलब्ध कराई जा रही सुरक्षा की नए सिरे से समीक्षा (रिव्यू) की गई है। इस उच्च स्तरीय असेसमेंट के बाद गांगुली की वास्तविक सुरक्षा जरूरतों का दोबारा आकलन किया गया और उनकी सुरक्षा श्रेणी में यह आंशिक संशोधन करने का निर्णय लिया गया।

सुरक्षा में की गई इस कटौती को लेकर राज्य के राजनीतिक हलकों में चर्चाएं और बयानबाजी काफी तेज हो गई हैं। इस बीच, शुभेंदु सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि विशेष सुरक्षा (स्पेशल प्रोटेक्शन) केवल उन्हीं विशिष्ट लोगों को दी जाएगी, जिनके जीवन को सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के आधार पर वास्तव में कोई गंभीर खतरा होगा। सरकार ने साफ किया है कि सुरक्षा का निर्धारण किसी राजनीतिक आधार या व्यक्तिगत प्राथमिकताओं पर नहीं, बल्कि केवल थ्रेट परसेप्शन (खतरे के वस्तुनिष्ठ आकलन) के आधार पर किया जा रहा है।

इस बदलाव के बाद सौरव गांगुली की सुरक्षा में तैनात रहने वाले जवानों की संख्या और उनके काफिले का स्थापित प्रोटोकॉल काफी बदल जाएगा। साल 2023 में जब उन्हें 'जेड' श्रेणी की सुरक्षा मिली थी, तब उनके साथ चौबीसों घंटे 30 से 35 पुलिसकर्मी तैनात रहते थे और उनके काफिले के आगे एक पायलट वाहन भी चलता था। अब 'वाई' श्रेणी के नए प्रोटोकॉल के तहत उनके सुरक्षाकर्मियों की कुल संख्या घटकर 11 रह जाएगी, जिसमें केवल दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (PSO) शामिल होंगे, जबकि देश की सर्वोच्च 'जेड प्लस' कैटेगरी में 36 सुरक्षाकर्मी होते हैं।

सौरव गांगुली न केवल भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल और आक्रामक कप्तानों में शुमार किए जाते हैं, बल्कि उनके नेतृत्व को भारतीय क्रिकेट में नए टैलेंट्स को निखारने का स्वर्णिम काल माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी उन्होंने खेल प्रशासक के रूप में सफल भूमिका निभाई है और वह बीसीसीआई (BCCI) के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वह क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) के अध्यक्ष पद पर कार्यरत हैं, और तमाम राजनीतिक दलों की पुरजोर कोशिशों के बावजूद उन्होंने हमेशा खुद को सक्रिय सियासत से पूरी तरह दूर रखा है।