अपने कार्यालय में ही घूस ले रहे थे ट्रॉफिक डीएसपी, निगरानी की टीम ने रंगे हाथ दबोचा
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए यातायात डीएसपी सुजीत कुमार को उनके ही कार्यालय कक्ष से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है.....
Madhubani : बिहार के मधुबनी जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए यातायात डीएसपी सुजीत कुमार को उनके ही कार्यालय कक्ष से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी उच्चस्तरीय कार्रवाई निगरानी के डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में गठित आठ सदस्यीय विशेष टीम द्वारा सफलतापूर्वक अंजाम दी गई। अचानक हुई इस रेड से पूरे पुलिस प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और ट्रैफिक कार्यालय में पूरी तरह सन्नाटा पसर गया।
किस मामले में मांगी जा रही थी रिश्वत?
निगरानी डीएसपी पवन कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पंडौल थाने के गंधवारि गांव निवासी रोहित मिश्रा का मिट्टी ढोने का टिपर वाहन चलता है। ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार द्वारा उसी टिपर के सुचारू संचालन के एवज में तीस हजार रुपये रिश्वत की लगातार मांग की जा रही थी। इस अवैध मांग से परेशान होकर पीड़ित रोहित मिश्र ने इसकी गुप्त शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की थी। विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत का सत्यापन कराया और आरोप सही पाए जाने पर डीएसपी को ट्रैप करने की विशेष योजना तैयार की।
रंगे हाथों नोटों के साथ धरे गए डीएसपी
पूर्व निर्धारित योजना के तहत मंगलवार को जैसे ही पीड़ित रोहित मिश्र ने कार्यालय कक्ष में जाकर 30 हजार रुपये ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार को सौंपे, पहले से मुस्तैद निगरानी की विशेष टीम ने उन्हें तुरंत दबोच लिया। इस अचानक हुई कार्रवाई और पूछताछ के शुरुआती दौर के दौरान डीएसपी सुजीत कुमार की तबीयत अचानक काफी बिगड़ गई। वे पसीने से लथपथ हो गए और उनका ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) तेजी से बढ़ गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निगरानी टीम ने मानवता का परिचय देते हुए उन्हें तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। सदर अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, डीएसपी का रक्तचाप अभी भी उतार-चढ़ाव की स्थिति में बना हुआ है। निगरानी डीएसपी पवन कुमार ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य में सुधार होते ही उन्हें सर्किट हाउस ले जाया जाएगा, जहां आवश्यक कानूनी व कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद टीम उन्हें पटना लेकर रवाना होगी।
भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
इस पूरी और सफल छापेमारी दल में जहांगीर अंसारी और राहुल कुमार समेत कुल आठ अधिकारी व कर्मी शामिल रहे। निगरानी ब्यूरो की इस सख्त और ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले के अन्य भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मियों में भारी खौफ व्याप्त है। ब्यूरो अधिकारियों ने दोहराया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आगे भी इस तरह के कड़े अभियान लगातार जारी रहेंगे।
ब्यूरो रिपोर्ट